आख़िर देर से ही सही आयी तो,
झमाझम बादल आज यूँ बरसे,
चिपचिपाती गर्मी की यह उमस,
बादल बरसे और जमकर बरसे।
कड़कती बिजली बादलों के मध्य,
सारे शहर गाँव वन तर-बतर भीगे,
मानसून आ गया भले ही देर सबेर,
प्यासी धरती के कण कण भीगे।
जल स्तर ऊपर हो रहा भू गर्भ में,
पशु पक्षी समस्त मानव उमंग में,
जलवायु, हर दिशा हरी हो उठी,
धरती माँ फिर से संतृप्त हो गई।
मिला है प्रकृति का पावन उपहार,
तन मन भीग रहा रिमझिम बहार,
आषाढ़ सावन हैं कितने मनभावन,
नीर क्षीर वृष्टि देख हर्षित हैं नयन।
आदित्य हृदय तरंगित पावन पावस,
दादुर ध्वनि सुनि मेढक की टर्र टर्र,
तन मन प्रफुल्लित राग मेघ मल्हार,
पहली बारिस की यह स्निग्ध फुहार।
परसा मलिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 48.686 किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, भारत-नेपाल सीमा…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Bahraich में शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो…
अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर एलियन्स और UFO को लेकर बहस छिड़ गई है।…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के उद्यमियों के लिए बड़ी पहल करते हुए जागृति उद्यम…
मध्य प्रदेश विधानसभा में विवाद: कैलाश विजयवर्गीय के असंसदीय शब्द पर हंगामा, मोहन यादव ने…
देवरिया त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026: अंतिम प्रकाशन 15 अप्रैल को देवरिया (राष्ट्र…