तेहरान / ब्रसेल्स (राष्ट्र की परम्परा)। यूरोपीय यूनियन (EU) द्वारा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बढ़ गया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दी है कि वह उनके सशस्त्र बलों को भी ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर सकता है।
ईरानी शीर्ष अधिकारी का एक्स पर बयान
ईरानी के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि इस्लामी सलाहकार सभा के प्रस्ताव के तहत, IRGC के खिलाफ यूरोपीय यूनियन की कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों की सेनाओं को आतंकवादी संस्था माना जाएगा।
लारीजानी ने कहा कि इस फैसले के गंभीर परिणाम उन यूरोपीय देशों को भुगतने होंगे, जिन्होंने इस प्रस्ताव में भाग लिया या इसका समर्थन किया।
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EU का बड़ा फैसला, कल्लास का सख्त बयान
ईरान प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ही EU के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने सर्वसम्मति से IRGC को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने पर सहमति जताई थी।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस कदम को निर्णायक बताते हुए कहा,
“जो शासन अपने ही हजारों लोगों की हत्या का जिम्मेदार है, उसे आतंकवादी माना जाना चाहिए।”
EU ने स्पष्ट किया कि यह लिस्टिंग भले ही मुख्य रूप से प्रतीकात्मक हो, लेकिन इससे IRGC को अल-कायदा, हमास और इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा गया है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
यूरोपीय यूनियन ने यह फैसला ईरान में आर्थिक संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 6,479 लोगों की मौत हो चुकी है।
EU का कहना है कि IRGC इन दमनात्मक कार्रवाइयों में सीधे तौर पर शामिल रहा है, इसलिए उसे आतंकी संगठन घोषित करना जरूरी था।
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