देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा )
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को लम्पी स्किन डिज़ीज़ (एलएसडी) से बचाने के लिए सतर्क रहें और समय पर टीकाकरण अवश्य कराएँ। उन्होंने बताया कि यह बीमारी मुख्यतः गाय और बैलों में होती है, जिसमें पशुओं की त्वचा पर गांठें निकल आती हैं, बुखार आता है, दूध उत्पादन घट जाता है और पशु कमजोर हो जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है और जिले में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। पशुपालन विभाग की टीमें गाँव-गाँव जाकर टीकाकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं।
उन्होंने किसानों से कहा कि जिन पशुओं में लम्पी के लक्षण दिखाई दें उन्हें तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और मच्छरदानी के अंदर सुरक्षित करें, ताकि संक्रमण न फैले। पशुशालाओं की नियमित सफाई एवं मच्छर-मक्खी नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव जरूरी है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बीमारी में एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे पशुओं के लिवर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बुखार होने पर केवल बुखार की दवा दी जा सकती है। आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक दवाइयाँ उपयोगी हो सकती हैं। घाव पूरी तरह सूखने में 15 दिन से एक माह का समय लगता है। बार-बार डॉक्टर बदलने से बचने की भी सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और पशुपालकों को समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी। किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जागरूक रहकर टीकाकरण कराना चाहिए। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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