आज एक दूसरे को नीचा दिखाने का,
हर किसी को ख़ुद से कम आंकने का,
झूठ फ़रेब के सहारे बदनाम करने का,
रिवाज चल पड़ा है धौंस जमाने का।
मोमबत्ती व अगरबत्ती की कहानी,
दोनों मन्दिर में लगती हैं सुहानी,
मोमबत्ती को मानते सब गुणवान,
प्रकाश के प्रभाव से सदा धनवान।
मोमबत्ती अगरबत्ती को नीचा
दिखाने का प्रयास करती है,
पर अगरबत्ती सदा मुस्कुराती
रहती और प्रसन्न भी रहती है।
हमेशा की तरह एक दिन पुजारी
ने सायंकाल में दोनोँ को जलाया,
किसी कार्य से मंदिर से बाहर गया,
तभी हवा का एक तेज़ झोंका आया।
तेज़ हवा से मोमबत्ती बुझ गई,
और अगरबत्ती जलती भी रही,
हवा के साथ पूरे मंदिर में चारों
तरफ़ सुगन्ध भी बिखेरती रही।
मोमबत्ती का अहंकार नष्ट हुआ,
आदित्य वैसे ही अपने गुणों पर
कभी अहंकार नहीं होना चाहिए,
किसी को कम नहीं मानना चाहिये।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
भारत ने इस महीने अपने समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के चलते ईरान से जुड़े…
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) द्वारा यौन अपराध के दोषी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े…
जंगल में चल रही थी मौत की फैक्ट्री: बलुअहिया नर्सरी में पुलिस का धावा, 4…
मौसम (राष्ट्र की परम्परा)। दिल्ली और उसके आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बीते 24 घंटों…
मार्ग पर यातायात हुआ आसान, आगरा को मिली बड़ी सौगात आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।आगरा जनपद…
17 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन ,इतिहास के पन्नों में दर्ज महान व्यक्तित्व 17 फ़रवरी…