सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)बरठा चौराहा स्थित राष्ट्रीय समानता दल के कार्यालय पर आज दिनांक 1 फरवरी 2026, रविवार को संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय दीप कुशवाहा ने कहा कि संत रविदास का दर्शन शोषणकारी व्यवस्था और साम्राज्य के विरुद्ध एक वैचारिक विद्रोह है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का “बेगमपुरा” का सपना वास्तव में समानता, न्याय और गरिमा पर आधारित संविधानिक भारत की परिकल्पना है। संत रविदास ने जन्म आधारित ऊँच-नीच की व्यवस्था को खारिज करते हुए क्षमता और श्रम आधारित समाज की कल्पना प्रस्तुत की।
चंद्रिका पासवान ने कहा कि संत रविदास का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ था।
छेदी गोसाई ने अपने वक्तव्य में कहा कि संत रविदास मानव गरिमा के प्रबल पक्षधर थे और उन्होंने मजदूर के पसीने में भगवान को खोजने का संदेश दिया।
गुड्डू कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में बहुजन समाज के लिए संत रविदास का विद्रोही विचार और सामाजिक संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।
अलाउद्दीन अंसारी ने संत रविदास को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शोषण को वैध ठहराने वाली मान्यताओं और ग्रंथों को नकारने का साहसिक संदेश दिया।
कार्यक्रम में अभय कुमार, विमलेश कुमार, सीताराम, जय नारायण कुशवाहा, उमेश कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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