Categories: Newsbeat

मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी संग गोरखपुर विश्वविद्यालय का पाँच वर्षीय एमओयू, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मिलेगी नई दिशा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मलेशिया की प्रतिष्ठित सेगी यूनिवर्सिटी (SEGi University) के साथ पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत और मलेशिया के बीच शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और सीमा-पार अकादमिक पहलों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।

विश्वविद्यालय वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक एकीकरण की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इस सहयोग के माध्यम से भारत की समृद्ध बौद्धिक परंपरा को वैश्विक ज्ञान परिदृश्य से जोड़ने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

एमओयू के तहत छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विज्ञान, मानविकी और विधि जैसे विषयों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही विशेषीकृत शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विकास किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सेमिनारों और कार्यशालाओं के आयोजन के साथ-साथ स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों के अकादमिक मार्गदर्शन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सेगी यूनिवर्सिटी, मलेशिया में गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग मंच के रूप में कार्य करेगी और संयुक्त ऑनलाइन व ब्लेंडेड लर्निंग कार्यक्रमों की संभावनाओं को भी विकसित किया जाएगा।

यह एमओयू 1 फरवरी 2026 को क्यूएस समिट, गोवा के अवसर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। समझौते में बौद्धिक संपदा अधिकार, संयुक्त प्रकाशन, गोपनीयता और संचालन तंत्र से जुड़े स्पष्ट प्रावधान शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता और पारस्परिक लाभ सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि सेगी यूनिवर्सिटी के साथ यह साझेदारी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सहयोग विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, वैश्विक शोध नेटवर्क तथा नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को सशक्त करेगी और मूल्य-आधारित व सामाजिक रूप से प्रासंगिक शिक्षा को बढ़ावा देगी।

यह अंतरराष्ट्रीय एमओयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की अग्रसर, नवोन्मेषी और वैश्विक दृष्टिकोण वाली अकादमिक नीति का स्पष्ट उदाहरण है, जो अनुसंधान, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करते हुए विश्वविद्यालय को वैश्विक उच्च शिक्षा मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाएगा।

rkpnews@desk

Recent Posts

जॉय बरुआ ने अंतरिक्ष तक पहुंचाया असम का संगीत, रानी मुखर्जी से नानी तक इन खबरों ने बटोरी सुर्खियां

अंतरिक्ष से सिनेमा तक छाया भारतीय हुनर, जॉय बरुआ की वैश्विक उड़ान से लेकर बॉलीवुड…

2 hours ago

पूजा में कौन-सी बाती जलाएं? रुई और कलावे की बाती को लेकर जानें सनातन परंपरा

रुई या कलावे की बाती—कब और किस पूजा में जलाएं? जानिए धार्मिक मान्यताएंलेखक : पंडित…

3 hours ago

स्मार्टफोन से ऊबे युवा! लौट आया पुराना जमाना, वायर्ड ईयरफोन और MP3 प्लेयर की बढ़ी दीवानगी

डिजिटल दुनिया से दूरी की नई कहानी: स्मार्टफोन के दौर में पुराने गैजेट्स की वापसी,…

3 hours ago

हजार साल पुराना बृहदेश्वर मंदिर और कल्कि मंदिर का रहस्य, आस्था से वास्तुकला तक अनोखी कहानी

रहस्यमयी मंदिरों की अद्भुत गाथा: बृहदेश्वर के वास्तु-विस्मय से कल्कि मंदिर की दिव्य मान्यता तक…

3 hours ago

मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, चार राशियों को करियर-धन में मिल सकते हैं शुभ संकेत

मंगलग्रह AI निर्मित (राष्ट्र की परम्परा)। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल के साथ उनके…

7 hours ago

सपा-कांग्रेस में सीटों का पेच! 403 सीटों पर तैयारी ने बढ़ाई सियासी हलचल

60-70 बनाम 105 सीटों की चर्चा के बीच बड़ा सवाल, क्या यूपी में अलग राह…

7 hours ago