गुरुवार और गुरु पूर्णिमा का संयोग अत्यंत दुर्लभ और अत्यधिक शुभ माना जाता है।
गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।। गुरु के चरणों में अपने समस्त अहंकार घमंडअभिमान भ्रष्टाचारी मानसिकता अर्पित कर दें यही हमारी सच्ची गुरु दक्षिणा होगी…