किसान, संस्कृति और संघर्ष: प्रेमचंद की रचनाओं में ग्रामीण भारत
हिन्दी साहित्य के यथार्थवादी युग की पहचान बने मुंशी प्रेमचंद ने भारतीय ग्राम्य जीवन को जिस गहराई और संवेदनशीलता से अभिव्यक्त किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य का “लोक-लेखक” बनाता है।…
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हिन्दी साहित्य के यथार्थवादी युग की पहचान बने मुंशी प्रेमचंद ने भारतीय ग्राम्य जीवन को जिस गहराई और संवेदनशीलता से अभिव्यक्त किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य का “लोक-लेखक” बनाता है।…