Tag: poet conference culture

सम्मान, सम्मेलन और कविता का खोता जन-सरोकार: आत्ममंथन की ज़रूरत

कविता को समाज की सामूहिक चेतना की आवाज़ माना जाता है। वह समय का दस्तावेज़ भी होती है और समय से टकराने का साहस भी रखती है। लेकिन वर्तमान समय…