#सिस्टमकाबोझ #बुजुर्गसम्मान #मानवता #सामाजिकसंवेदना #प्रशासनिकव्यवस्था #पटवारी #हिंदीकविता #व्यंग्यकविता #समाज #संजयएमतराणेकर

सिस्टम का बोझ और बुजुर्ग की पीठ…!

ज़नाब, जूते न गंदे हो जाएँ युवा साहब के,देखो इंसानियत को कीचड़ में बहा दिया।इस उम्र में उन्हें लाठी का…

1 hour ago