भारतीय ज्ञान परंपरा

भारतीय दृष्टि से लिखा जाए इतिहास, औपनिवेशिक सोच से बाहर निकलने का समय: डॉ. बालमुकुंद पांडे

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय इतिहास को विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों और औपनिवेशिक इतिहासकारों के नजरिए तक सीमित रखना देश…

2 weeks ago

लोकसंग्रह पर आधारित पुस्तकों का गोरखपुर विश्वविद्यालय में विमोचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राजनीति विज्ञान विषय की दो महत्वपूर्ण…

4 months ago

संस्कृत और पालि भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर तथा संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में…

4 months ago

विशाल भारत का भूगोल: दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परंपरा के दृष्टिकोण…

5 months ago

भारतीय ज्ञान परंपरा में लोक और शास्त्र का अद्भुत समन्वय: प्रो. अनामिका राय

ज्ञान से भारतीयता परिभाषित होती है, भारतीयता से ज्ञान नहीं: प्रो. अनामिका राय गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर…

5 months ago

बौद्ध दर्शन और संस्कृति को जोड़ता पालि साहित्य

अद्वितीय है भारतीय ज्ञान परंपरा में पालि साहित्य का योगदान, गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।…

6 months ago