भारतीय कविता

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

1 day ago