नैतिक शिक्षा

निंदा छोड़ें, आत्मचिंतन अपनाएं: यही है श्रेष्ठता का मार्ग

गोंदिया, महाराष्ट्र।“न विना परवादेन रमते दुर्जनोजन:। काक: सर्वरसान भुक्ते विनामध्यम न तृप्यति।।“अर्थात् दुष्ट व्यक्ति बिना निंदा किए आनंद नहीं पाते,…

3 days ago

सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश

आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच…

2 months ago

बच्चों की दुनिया में नैतिक शिक्षा का जादू

डॉ. प्रियंका सौरभ की बाल काव्य पुस्तकें: "बच्चों की दुनिया और परियों से संवाद" - रोचकता, ज्ञान और नैतिकता का…

3 months ago

अंकों की दौड़ से आगे—शिक्षा में संस्कारों की कमी और समाज पर उसका असर

आज के भारत में शिक्षा को सफलता की कुंजी माना जाता है, जहाँ अच्छे अंक, नामी संस्थान और ऊँचा वेतन…

4 months ago

अंकों की दौड़ से आगे- शिक्षा में संस्कारों की कमी और समाज पर उसका असर

आज के भारत में शिक्षा को सफलता की कुंजी माना जाता है, जहाँ अच्छे अंक, नामी संस्थान और ऊँचा वेतन…

4 months ago

भेष के अनुरूप आचरण क्यों ज़रूरी? नाम से नहीं, कर्म से बनती है पहचान

राष्ट्र की परम्परा डेस्क दिलीप पाण्डेय– एक प्रेरक कहानी समाज में अक्सर कहा जाता है कि “जैसा भेष, वैसा आचरण…

5 months ago