गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गुरु गोरखनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, बालापार स्थित आयुर्वेद संकाय में शुक्रवार को आयुर्वेदिक टीकाकरण प्रणाली सुवर्णप्राशन संस्कार का प्रभावी आयोजन किया गया। यह आयोजन संस्थान की ओपीडी संख्या 41 में पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. गिरिधर वेदान्तम, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार द्विवेदी तथा शिशु एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. त्रिविक्रम मणि त्रिपाठी के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को लेकर सहभागिता की, और सैकड़ों बच्चों ने सुवर्णप्राशन का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. दीक्षा एवं डॉ. श्रीलक्ष्मी ने बच्चों का विधिवत स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा अभिभावकों को उनके संतान के शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एवं परामर्श भी प्रदान किए।
ध्यातव्य है कि सुवर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा है, जो प्रत्येक पुष्य नक्षत्र पर नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना, मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना और उन्हें दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है।
उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बाल स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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