गन्ना कृषक वैज्ञानिकों से लेंगे तकनीकी प्रशिक्षण एवं आधुनिक जानकारी

तीसरी बार विशद प्रशिक्षण हेतु 50 कृषक गन्ना शोध केंद्र सेवरही रवाना

उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गन्ना विकास परिषद, उतरौला द्वारा 50 गन्ना कृषकों के दल को गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं शोध संस्थान, सेवरही के लिए रवाना किया गया। यह रवाना कार्यक्रम गन्ना कृषकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण यात्रा है, जो उनके उत्पादन की लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक साबित होगी। सुबह होते ही विभिन्न ग्रामों से आए हुए गन्ना कृषक परिषद के प्रांगण में इकट्ठा हो गए। गन्ना समिति क्षेत्र के कृषकों का स्वागत परिषद के प्रचार प्रसार प्रभारी, अतुल कुमार सिंह ने किया। इसके बाद, कृषकों को संस्था प्रांगण में खड़ी बसों में बैठाया गया और नरेंद्र सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, उतरौला ने उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गन्ना कृषकों को गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं शोध संस्थान, सेवरही में कृषि वैज्ञानिकों से गन्ने की उत्पादन लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और कृषकों की आमदनी दोगुना करने हेतु प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इस अवसर पर कृषकों को शोध केंद्र द्वारा आयोजित फील्ड विजिट के दौरान तकनीकी जानकारी भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे गन्ने की खेती में हो रहे नवाचारों को समझ सकेंगे और उन्हें अपनी खेती में शामिल कर सकेंगे। नरेंद्र सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने बताया कि प्रशिक्षण स्थल पर गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार लाने, उत्पादन लागत कम करने, और किसान की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इसके अंतर्गत कृषकों को फील्ड विजिट, विषय विशेषज्ञों से वार्ता, प्रशिक्षण सामग्री, जलपान और भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी। यह तीसरी बार है जब गन्ना कृषकों का दल सेवरही गन्ना शोध संस्थान रवाना किया गया है। इससे पूर्व दो बार कृषक वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और उनके द्वारा साझा किए गए अनुभवों से अन्य किसानों को भी लाभ हुआ है। इस बार भी कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से कृषक अधिक कुशलता से गन्ने की खेती में नवीनतम तकनीकों का प्रयोग कर सकेंगे।इस अवसर पर अखिलेश कुमार, मनोज श्रीवास्तव, उपेंद्र कुमार सिंह, सनोज कुमार रावत, अजीत चौधरी सहित कई अन्य गन्ना कृषक भी उपस्थित थे जो इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए। इन कृषकों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें गन्ने की बेहतर खेती के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त होगा और इससे उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। गन्ना कृषकों को मिल रहे इस तकनीकी प्रशिक्षण से उनके उत्पादन में सुधार की संभावना है और वे अपनी आय को दोगुना करने में सक्षम होंगे। गन्ना विकास परिषद की यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है और आगे भी इसे जारी रखने की आवश्यकता है ताकि गन्ना उत्पादक क्षेत्र में और अधिक सुधार हो सके।

Karan Pandey

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