पटना में अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती, 81 लोगों को नोटिस

पटना में 5 एकड़ सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण, DM के आदेश के बाद बुलडोजर की तैयारी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पटना में 5 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के आदेश के बाद सदर अंचल प्रशासन ने इस जमीन पर रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन पर 81 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सभी कब्जाधारकों को अपने-अपने दस्तावेजों के साथ 5 फरवरी को सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
यह पूरा मामला पटना के बेहद महत्वपूर्ण इलाके से जुड़ा है, जहां सरकारी जमीन पर वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ था। अब प्रशासन इसे हटाकर सरकारी योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में है।

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5 फरवरी को होगी सुनवाई, दस्तावेजों की होगी जांच
सदर अंचलाधिकारी रजनीकांत की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सभी कब्जाधारकों को अपने स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यदि दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए गए, तो सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में और पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

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गैरमजरुआ आम जमीन को लेकर प्रशासन का स्पष्ट रुख
जिला प्रशासन के मुताबिक, बुद्धा कॉलोनी मोड़ से काली मंदिर तक फैली यह जमीन गैरमजरुआ आम श्रेणी में आती है। इसका अर्थ है कि इस जमीन पर सरकार का पूर्ण अधिकार है और इसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जा सकता है।
प्रशासन का दावा है कि कुछ लोगों ने न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि पक्के मकान तक बना लिए। जमीन की सीमाएं इस प्रकार हैं—
दक्षिण में मंदिरी और बुद्धा कॉलोनी क्षेत्र, उत्तर में अशोक राजपथ, पश्चिम में बुद्धा कॉलोनी रोड, और पूरब में काली मंदिर।

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5 एकड़ सरकारी जमीन पर क्या है सरकार की योजना
सूत्रों के अनुसार, 5 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद यहां वेंडिंग जोन, पार्क या फिर सरकारी भवन के निर्माण की योजना है। सरकार इस जमीन का उपयोग शहरी सुविधा विस्तार और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर करेगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए एक सख्त संदेश भी मानी जा रही है।

Editor CP pandey

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