भारत भर में प्रयाग महाकुम्भ का
संगम में पवित्र डुबकी लगाने का,
त्रिबेणी में पवित्र स्नान करने का,
जन सैलाब उमड़ घुमड़ जाने का।
उत्साह तरंगित भारत का जन जन,
पावन तीर्थ, महाकुंभ प्रयाग संगम,
गंगा, यमुना, सरस्वती नदी समागम,
धर्म,अर्थ, काम,मोक्ष पाने की मुहिम।
मुहिम जिसमें चाहे जो कुछ हो जाए,
पवित्र डुबकी लगाना ही है जैसे भी हो,
हवाई यात्रा, रेल, बस, निज वाहन,
जो मिला उसी से संगम का आवाहन।
जल्दबाजी इतनी कि सोच में संगम है,
आपाधापी में गिरना उठना लाज़िम है,
किंकर्तव्यविमूढ़ हुये, भागे ऊपर से,
जो पड़ा धरा पर नहीं दिखा नज़रों से।
फैली अफवाहें और होती भगदड़,
चाहे कुम्भ के मेले के की बात हो,
या नई दिल्ली रेल स्टेशन पर हो,
चाहे कितना भी चुस्त प्रशासन हो।
आदित्य पुण्य पाप यहीं रह जाएँगे,
होशो हवास में, जाने अनजाने में,
सावधानी जहाँ कहीं भी घटती है,
ऐसी दुर्घटना वहीं पर हो जाती है।
पाकिस्तान में ऊर्जा संकट से सख्ती: रात 8 बजे के बाद बाजार बंद, 10 बजे…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ी कार्रवाई…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसा पुल के पास मंगलवार सुबह एक…
कानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 6 से 8 अप्रैल 2026 तक…
तेहरान/मिडिल ईस्ट (राष्ट्र की परम्परा)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम…