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सूत्र बता रहे बॉर्डर थाना क्षेत्र में तैनात रहे पूर्व एवं वर्तमान पुलिस कर्मी के अर्जित बेनामी संपत्ति की हो जांच

तमाम मामले में शराब तस्करों सहित संदिग्ध पुलिस के भी मालामाल होने जैसे हैं सूत्रों से खबर

भाटपार रानी/ देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
भाटपार रानी तहसील एवं क्षेत्र के विभिन्न यूपी बिहार के सीमा पर स्थित आसपास के थानों जैसे थाना श्रीरामपुर, लार, खामपार, भाटपार रानी, बनकटा, आदि जो कि बिहार बार्डर सीमा पर स्थित हैं इन क्षेत्रों के नाबालिक एवं अन्य युवाओं में बिहार सरकार के द्वारा शराब बंदी के उपरांत बॉर्डर क्षेत्र के सीमा पर भारी रूप में शराब तस्करी को अपना जीविकोपार्जन का जरिया बना लिया गया है। वहीं ये नए नवेले शराब तस्कर आए दिन नए नए तौर तरीके को अपनाकर अपना शराब तस्करी का काम धड़ल्ले से कर पाए जा रहे हैं। जो कि इसमें मामले में सीमा पर पूर्व में तैनात रह चुके तमाम पुलिस कर्मी सहित कुछ वर्तमान कर्मियों की भी मिलीभगत की चर्चा जोरों पर है। जैसा कि सूत्र बताते हैं। वहीं अब इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। कि बिना किसी विभागीय मिलीभगत के ही बेरोक टोक चलते इस धंधे को चलना संभव नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा बार्डर क्षेत्र में आने वाले बनकटा थाने में लंबे समय से कांस्टेबलों की पोस्टिंग पर रोक लगा रख्खी थी साथ ही गोपनीय जांच करा कर संदिग्ध एवं संलिप्त कांस्टेबलों को को लाइन में भेज दिया था। जिनमें से एक चर्चित कांस्टेबल टेबल बकायदा पूरे थाने को चलाया करते थे। वहीं श्रीरामपुर थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल जो कि अपने रसूख के लिए चर्चित हैं। जिसके बदौलत ही वे बनकटा थाने से लेकर श्रीरामपुर थाने तक में खुद के पोस्टिंग कराए जाने तक हमेशा बार्डर के पुलिस चेकपोस्ट पर ही ड्यूटी में तैनात रहते हैं। जिनकी यहां खूब चर्चा है। जबकि उनकी शिकायत भी यदि हुई है फिर भी रसूख एवं प्रभाव के जरिए वे अन्य लोगों का स्थानांतरण कराने में कामयाब हो जाते हैं जो आज भी वर्तमान समय में श्रीरामपुर थाने के एक चेकपोस्ट पर अपना पकड़ बनाए हुए हैं। वहीं चर्चा यह भी है कि जिला पुलिस कार्यालय में तैनात एक बाबू की मिली भगत भी कम नहीं हैं। जो हेड कांस्टेबल ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल वर्षों से चलता आ रहा है। वहीं चर्चाओं की माने तो बॉर्डर क्षेत्र में पुलिस उन्हीं तस्करों को पकड़ती है जिनका सेटिंग नहीं हो। जो भी एक बार पकड़ गए फिर सेटिंग होते ही बेरोकटोक यूपी से बिहार शराब का खेप पहुंचाने लग जाता है। चर्चा है।शराब के तस्कर समाजसेवी बनाने लगे हैं जो पुलिस को अपने प्रभाव में लेकर शराब तस्करी का धंधा करने वालों की मदद किया करते हैं। जिनमें क्षेत्र के ग्राम सभा स्तर एवं क्षेत्र पंचायत स्तर के सदस्य भी अब इसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप में अपनी भूमिका निभाने से कहीं गुरेज नहीं कर रहे हैं।

rkpnews@somnath

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