संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भादो माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनायी जाने वाली श्री राधा अष्टमी रविवार को जिलेभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। घरों से लेकर मंदिरों तक भक्तों ने राधा रानी की विधिवत पूजा-अर्चना की और व्रत रखकर भक्ति भाव से उत्सव का हिस्सा बने।
सुबह से ही मंदिरों और घरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भक्ति गीतों और ढोलक की थाप पर महिलाएं झूमकर नृत्य करती रहीं, जिससे वातावरण बरसाने की छटा से सराबोर हो गया।
दोपहर में भजन-कीर्तन के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। इसके उपरांत सहस्त्र तीर्थ जलों और पंचगव्यों से राधारानी का महाभिषेक किया गया तथा महाआरती सम्पन्न हुई। बड़ी संख्या में हरे कृष्ण भक्त इस आयोजन में शामिल हुए और भक्ति रस में डूबे रहे।
कथनानुसार श्री राधा रानी भगवान की अंतरंग शक्ति हैं और राधा-कृष्ण अभिन्न हैं। बिना राधा रानी की कृपा के कृष्ण भक्ति की प्राप्ति संभव नहीं है। वे स्वयं भगवान की आह्लादिनी शक्ति हैं, जो सदैव प्रेम स्वरूप भगवान की सेवा में रत रहती हैं। ब्रज क्षेत्र की अधिष्ठात्री होने के कारण उन्हें ब्रजेश्वरी भी कहा जाता है।
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