गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों का उच्चाधिकारियो ने किया निरीक्षण

सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
आगामी गोरखपुर महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
निरीक्षण के समय अधिकारियों ने मंच, दर्शक दीर्घा, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग स्थल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय तथा विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महोत्सव में आने वाले हजारों दर्शकों की सुविधा सर्वोपरि है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि महोत्सव स्थल एवं उसके आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग, सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त संख्या में स्थापना, कंट्रोल रूम की प्रभावी कार्यप्रणाली तथा भीड़ प्रबंधन की ठोस योजना बनाने पर जोर दिया। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग से ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिला सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित रिस्पांस टीम की तैनाती पर भी चर्चा की।
जिलाधिकारी ने नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान है, जिसमें स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन होता है, इसलिए इसका आयोजन भव्य एवं अनुशासित ढंग से होना चाहिए।
अधिकारियों ने निरीक्षण के अंत में कार्यदायी संस्थाओं से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और यह भी निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि महोत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण एवं यादगार बनाया जा सके।

rkpnews@somnath

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