मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल

निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l बीते दो दिनों से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर की रफ्तार थाम दी है। भारी वर्षा के चलते शहरी क्षेत्र के अधिकांश निचले इलाकों में जलभराव की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि बरसात थमे करीब पांच घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पानी जस का तस भरा हुआ है, जो जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर के निचले क्षेत्रों में सड़कों से लेकर गलियों तक हर ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भरा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक कामकाज करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यातायात व्यवस्था पर भी बारिश का व्यापक असर पड़ा है। प्रमुख सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और जगह-जगह लंबा जाम लगा हुआ है। सबसे खराब स्थिति शहर के अंडरपास की है, जहां पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास और चारों फाटक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे इन मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है। समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़कों और बाजारों में भर जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता, जिससे समस्या लगातार बनी रहती है।
व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। राप्ती कॉम्प्लेक्स में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां 200 से अधिक दुकानों में चार फीट से ज्यादा पानी भर गया है। दुकानों में रखा सामान पानी में डूब जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार जमा पानी के कारण राहत नहीं मिल पा रही है।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट की आशंका के चलते लोग दहशत में हैं। स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं, क्योंकि गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में शहर को इस समस्या से जूझना न पड़े।

rkpNavneet Mishra

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