रिटायर्ड सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान बनेंगे बिहार की सुरक्षा की रीढ़
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने बिहार स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (एसएपी) में 17 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। यह फैसला न सिर्फ पुलिस बल की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि अनुभव और प्रशिक्षण के स्तर पर भी राज्य की कानून-व्यवस्था को नई मजबूती देगा।
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अब तक एसएपी में केवल भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जवानों को ही कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर रखा जाता था, लेकिन पहली बार अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB) से रिटायर्ड कर्मियों को भी सीधे नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि लंबे समय तक संवेदनशील इलाकों में ड्यूटी कर चुके ये अनुभवी जवान राज्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में बेहद कारगर साबित होंगे।
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एसएपी भर्ती का दायरा और पदों का विवरण
बिहार एसएपी भर्ती 2026 के तहत कुल 17,000 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें—
लगभग 150 अधिकारी स्तर के पद
16,300 एसएपी जवान
करीब 550 अन्य सहायक पद शामिल हैं
गृह विभाग के अनुसार, यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि तैनाती में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। नई बहाली से राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में पुलिस की मौजूदगी मजबूत होगी।
मानदेय में बढ़ोतरी: अनुभव को मिलेगा सम्मान
इस योजना के साथ सरकार ने मानदेय में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, ताकि अनुभवी रिटायर्ड जवानों को आकर्षित किया जा सके।
जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) का मानदेय
₹35,000 से बढ़ाकर ₹40,000 प्रति माह
एसएपी जवानों का मानदेय
₹25,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह
इस वेतन संशोधन के साथ भर्ती करने पर राज्य सरकार के खजाने पर हर साल लगभग ₹642 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। गृह विभाग के उप सचिव ने इसके लिए बजट और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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क्यों जरूरी थी बिहार एसएपी भर्ती 2026?
बिहार की आबादी लगभग 13 करोड़ है, जबकि पुलिस बल की संख्या राष्ट्रीय औसत से कम मानी जाती है। ऐसे में—बढ़ती जनसंख्या,शहरीकरण
कानून-व्यवस्था की जटिल चुनौतियां
इन सभी को देखते हुए बिहार एसएपी भर्ती 2026 को समय की जरूरत माना जा रहा है। अनुभवी और प्रशिक्षित रिटायर्ड जवानों की तैनाती से—
त्वरित रिस्पॉन्स बेहतर होगा
अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी
भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी
अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को मौका: बड़ा बदलाव
यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि पहली बार अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड जवानों को एसएपी में सीधे शामिल किया जा रहा है। ये जवान—
आतंरिक सुरक्षा
सीमावर्ती इलाकों की ड्यूटी,नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का अनुभव,अपने साथ लाते हैं। इससे राज्य पुलिस को प्रशिक्षण और रणनीति के स्तर पर सीधा लाभ मिलेगा।
आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?
सरकार का स्पष्ट मानना है कि बिहार एसएपी भर्ती 2026 से—
पुलिसिंग में गति आएगी
थानों और फील्ड में स्टाफ की कमी दूर होगी,आम नागरिकों को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा,साथ ही, त्योहारों, चुनावों और आपात स्थितियों में अतिरिक्त बल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
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