सूर्य की सतह पर बना एक बेहद बड़ा और अस्थिर सनस्पॉट इन दिनों वैज्ञानिकों की चिंता का कारण बना हुआ है। इस सनस्पॉट को रीजन 4366 नाम दिया गया है, जिसने बीते दो दिनों में कई तेज़ और शक्तिशाली सौर ज्वालाएं (Solar Flares) छोड़ी हैं। इनमें हाल के वर्षों की सबसे ताकतवर ज्वालाएं भी शामिल हैं।
अमेरिकी एजेंसी NOAA के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, 5 फरवरी को पृथ्वी पर भू-चुंबकीय गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। इसके चलते सामान्य इलाकों में भी नॉर्दर्न लाइट्स (ऑरोरा) दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी पूरी पुष्टि नहीं हुई है।
अचानक उभरा और तेजी से फैला रीजन 4366
रीजन 4366 कुछ ही दिनों पहले अचानक सूर्य की सतह पर उभरा और बेहद कम समय में तेजी से फैल गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका आकार 1859 के ऐतिहासिक कैरिंगटन इवेंट के दौरान बने सनस्पॉट के लगभग आधे के बराबर है। उस समय आए सौर तूफान ने धरती पर बड़े पैमाने पर प्रभाव डाला था।
तेजी से बढ़ने के कारण यह सनस्पॉट अत्यधिक अस्थिर हो गया है। बीते 24 घंटों में इससे 20 से अधिक सौर ज्वालाएं निकल चुकी हैं, जिनमें कई M-क्लास और X-क्लास की ज्वालाएं शामिल हैं। X-क्लास को सौर ज्वालाओं की सबसे शक्तिशाली श्रेणी माना जाता है।
ये भी पढ़े – शिक्षा बजट में वृद्धि जीडीपी दर से भी कम, केंद्र सरकार की उदासीनता उजागर
दो सालों में सबसे बड़ा सौर विस्फोट
रविवार शाम करीब 6:57 बजे, इसी सनस्पॉट से X8.1 श्रेणी की सौर ज्वाला निकली। यह अक्टूबर 2024 के बाद की सबसे तेज़ सौर ज्वाला मानी जा रही है। इस विस्फोट के बाद दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में रेडियो संचार में बाधा दर्ज की गई।
इस शक्तिशाली विस्फोट के साथ सूर्य से गैस और ऊर्जावान कणों का एक बड़ा बादल भी निकला, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह CME धरती के नज़दीक से गुज़रा, तो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में तेज़ हलचल हो सकती है।
धरती पर क्या हो सकता है असर
अगर यह सौर गतिविधि धरती को प्रभावित करती है, तो आसमान में रंग-बिरंगे ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं। वहीं दूसरी ओर रेडियो संचार, GPS सेवाओं और सैटेलाइट सिस्टम में अस्थायी दिक्कतें भी आ सकती हैं।
नासा के मुताबिक, सूर्य इस समय अपने 11 वर्षीय सौर चक्र के सबसे सक्रिय चरण में है, जो 2026 तक जारी रह सकता है। ऐसे में आने वाले समय में और भी शक्तिशाली सौर तूफान देखने को मिल सकते हैं।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/12/?m=1#google_vignette
सीएम योगी की तुलना पर परमहंस आचार्य का कड़ा विरोध अयोध्याधाम (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश की नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बीते वर्ष करीब…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)जिले में शहरी विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला…
कुम्हारी कला को आधुनिकतम स्वरूप दिए जाने की आवश्यकता .डॉ हरेंद्र प्रजापति मऊ (राष्ट्र की…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)पावरलूम बुनकरों की समस्याओं को मुखरता से उठाने वाले एकबाल अहमद जो…
कैंसर दिवस पर विशेष रिपोर्ट | नवनीत मिश्र देश में हर साल लाखों लोग कैंसर…