संकट में सहारा बना SBI: दो परिवारों को मिली करोड़ों की बीमा सहायता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। संकट की घड़ी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने संवेदनशील बैंकिंग का उदाहरण पेश किया है। बैंक की विकास भवन शाखा ने दो दिवंगत ग्राहकों के परिजनों को बीमा दावों की बड़ी राशि उपलब्ध कराई। इससे दोनों परिवारों को आर्थिक राहत मिली और बकाया ऋण का बोझ कम हुआ।

वेदप्रकाश प्रकरण: 1.15 करोड़ का बीमा दावा

सबसे पहले, विकास भवन शाखा से गृह ऋण लेने वाले वेदप्रकाश ने बैंक के मार्गदर्शन में एसबीआई जीवन बीमा की ₹1.15 करोड़ की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। दुर्भाग्यवश, केवल दो प्रीमियम जमा करने के बाद उनका आकस्मिक निधन हो गया।

इसके बाद शाखा ने त्वरित कार्रवाई की। सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराई गईं और बीमा दावा प्रक्रिया को तेजी से निष्पादित किया गया। परिणामस्वरूप, बीमा राशि उनकी पत्नी गिरिजा को प्रदान की जा रही है। इस राशि से गृह ऋण का पूर्ण समापन होगा। साथ ही, मकान के मूल दस्तावेज परिवार को सौंपे जाएंगे।

परसुराम प्रकरण: 50 लाख की दुर्घटना बीमा सहायता

इसी क्रम में, जिला कलेक्ट्रेट के कर्मचारी परसुराम की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उनका वेतन खाता विकास भवन शाखा में संचालित था। इस खाते में राज्य सरकार की वेतन पैकेज योजना के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा शामिल थी।

दावा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ₹50 लाख की बीमा राशि उनकी पत्नी ब्रह्मावती को दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, इस सहायता से उनका व्यक्तिगत ऋण भी समायोजित किया जाएगा। इसलिए परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा।

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औपचारिक चेक वितरण कार्यक्रम

विकास भवन शाखा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने दोनों लाभार्थियों को चेक सौंपे। इस अवसर पर अधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि बैंक हर परिस्थिति में अपने ग्राहकों के साथ खड़ा रहेगा।

बैंक प्रबंधन ने कहा कि उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं देना नहीं है। बल्कि, जरूरत के समय ग्राहकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी प्राथमिकता है।

बीमा जागरूकता पर जोर

अंततः, बैंक अधिकारियों ने बीमा सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह पहल स्पष्ट करती है कि सही समय पर लिया गया बीमा कवर संकट में मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है। इसलिए, ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार बीमा योजनाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए।

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Karan Pandey

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