रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस रोज खो रहा 1,000 सैनिक, जेलेंस्की ने बताया ‘पागलपन’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि दिसंबर से अब तक रूस हर दिन कम से कम 1,000 सैनिकों को खो रहा है। जेलेंस्की ने इस स्थिति को “सरासर पागलपन” करार देते हुए कहा कि रूस सिर्फ इसलिए इतनी भारी कीमत चुका रहा है ताकि युद्ध खत्म न हो।

युद्ध रोकने से बचने की कीमत चुका रहा रूस

जेलेंस्की ने कहा,
“रूस हर दिन करीब 1,000 सैनिक खो रहा है। यह हालात दिसंबर से लगातार बने हुए हैं। सिर्फ इसलिए कि युद्ध समाप्त न हो—यह पूरी तरह से पागलपन है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध रूस के लिए भी विनाशकारी साबित हो रहा है, बावजूद इसके वह पीछे हटने को तैयार नहीं है।

अमेरिका और यूरोप से एकजुट कार्रवाई की अपील

यूक्रेन राष्ट्रपति ने अमेरिका, यूरोप और अन्य साझेदार देशों से अपील की कि वे एकजुट होकर रूस की आक्रामकता को रोकें। उन्होंने कहा कि यह युद्ध साबित करता है कि दुनिया अभी भी आक्रामक ताकतों से खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर पाई है।

यूक्रेन की मदद करने वाले देशों का जताया आभार

जेलेंस्की ने यूक्रेन को सैन्य, मानवीय और पुनर्निर्माण सहायता देने वाले देशों का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा,
“जो देश यूक्रेन के साथ खड़े हैं, जो हमारे लोगों, हमारी सुरक्षा और पुनर्निर्माण में मदद कर रहे हैं—हम उनके आभारी हैं।”

रूस का बड़ा हवाई हमला, ड्रोन और मिसाइलों की बारिश

इससे पहले शुक्रवार को जेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस ने रात के दौरान यूक्रेन पर अब तक का एक बड़ा हवाई हमला किया।

• 242 ड्रोन
• 13 बैलिस्टिक मिसाइल
• 22 क्रूज मिसाइलें
इन हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए।

ये भी पढ़ें – ईरान में विद्रोह तेज: 3 हफ्तों में 500 से ज्यादा मौतें, ट्रंप ने दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

कीव में सबसे ज्यादा तबाही, एंबुलेंस कर्मी की मौत

हमलों का सबसे ज्यादा असर राजधानी कीव और आसपास के इलाकों में देखा गया। अकेले कीव में चार लोगों की जान गई, जिनमें एक एम्बुलेंस कर्मी भी शामिल था। करीब 20 रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत कार्य के दौरान दोबारा हमला

जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि जब राहत और बचाव कर्मी लोगों की मदद कर रहे थे, तभी रूस ने उसी रिहायशी इमारत पर दोबारा हमला कर दिया। कई इलाकों में अब भी राहत और मरम्मत कार्य जारी है।

चार साल से जारी युद्ध, ठंड में बढ़ी मुश्किलें

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले चार वर्षों से जारी है। सर्दियों के मौसम में ऊर्जा ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने से हालात और ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें – जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, सांबा–राजौरी–पुंछ में हाई अलर्ट, सेना ने की फायरिंग

Karan Pandey

Recent Posts

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का जिलेभर में हुआ भव्य स्वागत,

मगहर बाईपास पर गौरव कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किया अभिनंदन संत कबीर नगर…

7 hours ago

पत्रकारों ने सांसद विजय कुमार दुबे से लगाई गुहार, रेल यात्रा रियायत बहाल कराने की उठाई मांग

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद की मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, कुशीनगर ने पत्रकारों को पूर्व…

7 hours ago

विश्व युवा कौशल दिवस पर रोजगार मेले में 42 युवाओं को मिला रोजगार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर राजकीय औद्योगिक…

8 hours ago

किताबों से नहीं साइबर ठगी से लिख रहा था भविष्य

B.Sc. छात्र निकला फर्जी लोन गैंग का मास्टरमाइंड, 10% कमीशन पर खुलवाए सैकड़ों खाते गोरखपुर(राष्ट्र…

8 hours ago

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026: विज्ञान, नवाचार और जनभागीदारी का नया युग

गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत आज विकसित भारत- 2047 के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका…

8 hours ago

कुशीनगर में मीडिया स्थायी समिति में प्रतिनिधित्व की मांग, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने निदेशक सूचना को भेजा पत्र

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के पत्रकारों के अधिकारों और उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने…

8 hours ago