संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में विगत कई दिनों से हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का पानी अनेक स्थानों पर तटबंधों से सटकर बह रहा है साथ ही कटान भी हो रही है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिले में राप्ती का जलस्तर लाल निशान से मात्र 65 सेमी नीचे था।
गत दिनों तक हुई बारिश से जिले के मेंहदावल क्षेत्र से बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के बेलौली, थरौली, बढ़या ठाठर, तिवारीपुर, विशुनपुर, नौगो, करमैनी आदि गांवों से सटकर बह रही नदी खैरा मंदिर, नौगो व तिवारीपुर में कटान भी कर रही है।
वही दूसरी ओर धनघटा क्षेत्र से सरयू नदी का जलस्तर भी तेजी के साथ बढ़ते हुए बिडहरघाट पर 79 मीटर के आस-पास तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से मांझा के गांव बाढ़ से घिरने लगे हैं। यहाँ भी नदी कटान भी कर रही है।
नदी व एमबीडी बांध के बीच धनघटा तहसील क्षेत्र के 22 गांव बसे हैं। नदी का पानी जब अपना दायरा बढ़ाता है तो गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सरैया, खरैया, सियरकला, दौलतपुर, कंचनपुर, आगापुर, पटौवा समेत 22 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। विगत वर्ष नदी के कटान से गायघाट दक्षिणी गांव के 34 परिवार बेघर हो गए थे। इस वर्ष भी अबतक 9 लोगों के घर नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं। बेघर लोग रहने के लिए जमीन नहीं पा सके हैं। इलाके लोगों का कहना है कि पिछले माह आई बाढ़ से बढ़ी मुश्किल दूर भी नहीं हो पाई थी कि नदी का पानी फिर बढ़ने लगा है। नदी ने कटान भी तेज कर दी है। इसी तरह पानी दो दिन और बढ़ा तो गांव में बाढ़ का पानी घुस जाएगा।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने का कहना है कि 24 घंटे में घाघरा नदी 60 सेंटीमीटर बढ़ी है, लेकिन किसी भी तरह का खतरा नहीं है। बाढ़ से बचाव के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।
इसी तरह से जिले बहने वाली आमी,
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