महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। परसा मलिक थाना क्षेत्र में हो रही खुलेआम खाद की तस्करी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तस्करी पर किस हद तक अंकुश लगा है। तस्करों की हौसले आज भी बुलंद है लोग कह रहे हैं कि तस्करों की बल्ले बल्ले है। बताया जाता है कि परसा मलिक थाना क्षेत्र में मौजूद नाकों के रास्ते अवैध खाद की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खाद तस्कर प्रति दिन तीन दर्जन से अधिक की संख्या में खटारा बाइक लेकर जिसका कोई कागजात नहीं होता है उस पर तीन से चार बोरी भारतीय खाद बांधकर तस्कर 70 की स्पीड में थाना क्षेत्र में मौजूद खाद की दुकान जिगिना जमुहानी हरलाल गढ गंगापुर सहित आदि मौजूद दुकानों से बोदरवार डगर पुरवा होते हुए मुख्य सड़क पेंडारी चौराहा होते हुए थाना क्षेत्र के बेलाभार गांव के रास्ते सभी भारतीय खाद को तस्कर सीमावर्ती गांव रेहरा पहुंचा देते हैं और जैसे ही लाइन क्लियर होने का संकेत मिलता है तो सभी भारतीय खाद को तस्कर पड़ोसी राष्ट्र नेपाल पहुंचा दे रहे हैं। वैसे भी उपरोक्त थाना क्षेत्र तस्करी के मामले में महारत भी हासिल कर चुका है। इस थाना क्षेत्र में मौजूद नाका सेवतरी रेहरा अहिरौली झिगंटी मर्यादापुर पहाड़ी टोला सहित आदि सभी नाकों के रास्ते भारतीय हर वस्तु की तस्करी खुलेआम होती है। जिसका जीता जागता प्रमाण यह है कि पूर्व में तैनात कई थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी एवं पुलिस कर्मियों के अक्सर तस्करी कार्य में संलिप्त होने पर लोगों की शिकायत और अधिकारियों की जांच में पुष्टि होने के बाद प्रायः
लोगों पर गाज गिर चुका है। परन्तु थाना क्षेत्र में हो रही खुलेआम तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। थाना क्षेत्र मे खुलेआम हो रही तस्करी को देखकर जिम्मेदारों की संलिप्तता
से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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