गणतंत्र दिवस 2026 की तस्वीर: झंडारोहण, श्रद्धांजलि और देशभक्ति का महासंगम

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) दिल्ली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही गणतंत्र दिवस 2026 का शुभारंभ हुआ। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, अन्य राज्यों की राजधानियों, जनपद मुख्यालयों और ग्रामीण अंचलों तक गणतंत्र दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया।


प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास और कार्यालय पर झंडारोहण कार्यक्रम किया। इसके साथ ही सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 26 जनवरी भारत के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। सरकारी कार्यालयों, कलेक्ट्रेट, तहसील, ब्लॉक कार्यालयों और पंचायत भवनों में राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी।


गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर सरकारी संस्थानों के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष आयोजन किए गए। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संविधान, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण की गाथा को जीवंत किया।
विद्यालयों में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बच्चों ने शहीद सैनिकों और महान स्वतंत्रता सेनानियों को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षकों ने छात्रों को संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। कई स्कूलों में बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलकर देश को मजबूत बनाएंगे।


ग्रामीण अंचलों में भी गणतंत्र दिवस 2026 की धूम देखने को मिली। ग्राम पंचायतों, प्राथमिक विद्यालयों और सामुदायिक भवनों में झंडारोहण किया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। कहीं प्रभात फेरियां निकाली गईं तो कहीं देशभक्ति नारों से वातावरण गूंज उठा।
व्यापारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी गणतंत्र दिवस समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर झंडारोहण कर गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि 26 जनवरी केवल एक तिथि नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों का प्रतीक है।

26 जनवरी भारत के इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन 1950 में देश में संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस अवसर पर वक्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महान नेताओं के योगदान को याद किया।
कई स्थानों पर देशभक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत शहीद स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। लोगों ने उन वीर जवानों को नमन किया जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। युवाओं ने देश प्रेम में जीवन समर्पित करने की शपथ ली और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दोहराया।


शहरों में सांस्कृतिक मंचों से देशभक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। “ऐ मेरे वतन के लोगों” और “वंदे मातरम्” जैसे गीतों पर लोग भावविभोर हो उठे। गणतंत्र दिवस 2026 के इस अवसर पर पूरा देश एकजुट होकर तिरंगे के सम्मान में खड़ा नजर आया।


कुल मिलाकर, राष्ट्रपति से लेकर आम नागरिक तक, शहर से लेकर गांव तक, हर वर्ग ने गणतंत्र दिवस समारोह में सहभागिता निभाई। यह दिन न केवल उत्सव का बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है, जब हर भारतीय संविधान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराता है और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प करता है।

Editor CP pandey

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