संगीत, साहित्य, राजनीति और खेल जगत की इन हस्तियों ने बढ़ाया भारत का मान

26 अक्टूबर: जन्मदिन विशेष


रिपोर्ट -अभिषेक कुमार

इतिहास के पन्नों में 26 अक्टूबर की तारीख कई ऐसी महान और प्रतिभाशाली हस्तियों के जन्मदिन के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। किसी ने अपनी कला से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया, किसी ने साहित्य को नई दिशा दी, तो किसी ने राजनीति और खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले गणेशशंकर विद्यार्थी से लेकर कुचिपुड़ी नृत्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले वेमपति चिन्ना सत्यम और आधुनिक भारतीय भारोत्तोलन के चर्चित खिलाड़ी जेरेमी लालरिनुंगा तक, इन विभूतियों की उपलब्धियां आज भी प्रेरणा देती हैं।
आइए, जानते हैं 26 अक्टूबर को जन्मे इन विशिष्ट व्यक्तित्वों के बारे में।
संगीत और कला जगत की हस्तियां
हृदयनाथ मंगेशकर (1937)
भारतीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर अपनी विशिष्ट धुनों, शास्त्रीय संगीत की गहरी समझ और भावपूर्ण संगीत रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। महान गायिका लता मंगेशकर और आशा भोसले के छोटे भाई हृदयनाथ ने मराठी और हिंदी संगीत को समृद्ध किया। उनकी रचनाओं में शास्त्रीयता, संवेदनशीलता और काव्यात्मक भावों का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
वेमपति चिन्ना सत्यम (1929)
वेमपति चिन्ना सत्यम भारतीय शास्त्रीय नृत्य की कुचिपुड़ी शैली के महान नर्तक, गुरु और कोरियोग्राफर थे। उन्होंने कुचिपुड़ी नृत्य को व्यवस्थित प्रशिक्षण, आकर्षक मंचीय प्रस्तुतियों और नई नृत्य रचनाओं के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कला ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में मदद की।
साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान
गणेशशंकर विद्यार्थी (1890)
गणेशशंकर विद्यार्थी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के निर्भीक सेनानी, प्रखर पत्रकार और समाजसेवी थे। उन्होंने अपने समाचार पत्र ‘प्रताप’ के माध्यम से अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। पत्रकारिता को उन्होंने केवल समाचार प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनजागरण और जनसेवा का सशक्त हथियार बनाया।
कानपुर में 1931 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की जान बचाने के प्रयास में उन्होंने अपने प्राण गंवा दिए। उनका जीवन आज भी निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता की प्रेरणा है।
ठाकुर प्रसाद सिंह (1924)
ठाकुर प्रसाद सिंह हिंदी साहित्य में नवगीत विधा के महत्वपूर्ण कवियों में गिने जाते हैं। उनकी काव्य संवेदना में भारतीय समाज, लोकजीवन, बदलते समय और आम आदमी के अनुभवों की झलक मिलती है। नवगीत आंदोलन ने हिंदी कविता को नई भाषा, नए बिंब और आधुनिक जीवन की जटिलताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोदावरीश मिश्र (1886)
गोदावरीश मिश्र ओडिशा के प्रमुख साहित्यकार, समाज सुधारक और सार्वजनिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने साहित्य और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज के विकास में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व ओड़िया भाषा-साहित्य और सामाजिक चेतना के इतिहास में उल्लेखनीय स्थान रखता है।
प्रीति सिंह (1971)
प्रीति सिंह भारतीय साहित्यकार, उपन्यासकार और संपादिका के रूप में जानी जाती हैं। साहित्य और संपादन के क्षेत्र में उनका परिचय रचनात्मक लेखन तथा विचारों की अभिव्यक्ति से जुड़ा है। उनके नाम और जन्मतिथि से संबंधित विस्तृत प्रकाशित जीवन-वृत्त की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राजनीति और प्रशासन में पहचान बनाने वाले व्यक्तित्व
जे. डी. रमबई (1934)
जे. डी. रमबई मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री रहे। राज्य की राजनीति में उनका योगदान पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक इतिहास का हिस्सा है। मेघालय की सामाजिक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
एस. बंगरप्पा (1933)
सोमप्पा रायप्पा बंगरप्पा, जिन्हें एस. बंगरप्पा के नाम से जाना जाता है, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता थे। उन्होंने कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक जीवन राज्य के प्रशासन और कांग्रेस की क्षेत्रीय राजनीति से जुड़ा रहा।
राम प्रकाश गुप्ता (1923)
राम प्रकाश गुप्ता भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। उन्होंने मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। उनका सार्वजनिक जीवन उत्तर प्रदेश की राजनीति और भारतीय जनसंघ तथा भाजपा की राजनीतिक परंपरा से जुड़ा रहा।
मधुकर दिघे (1920)
मधुकर दिघे भारतीय राजनीतिज्ञ और प्रशासक थे। उन्होंने मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दीं। उनका जीवन राजनीतिक और संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन से जुड़ा रहा।
खेल जगत का युवा सितारा
जेरेमी लालरिनुंगा (2002)
जेरेमी लालरिनुंगा भारत के प्रतिभाशाली भारोत्तोलक खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने युवा स्तर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करके देश का ध्यान आकर्षित किया। वर्ष 2018 के युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा। इसके बाद भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और देश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने।
26 अक्टूबर को जन्मी इन हस्तियों की जीवन यात्रा बताती है कि प्रतिभा जब परिश्रम, समर्पण और उद्देश्य से जुड़ती है, तो वह समाज पर स्थायी प्रभाव छोड़ती है। संगीत की मधुरता से लेकर साहित्य की संवेदना, पत्रकारिता के साहस, राजनीति की जिम्मेदारी और खेल की उपलब्धियों तक—इन सभी क्षेत्रों में इन व्यक्तित्वों ने अपनी अलग पहचान बनाई।
ऐसी विभूतियों को उनके जन्मदिन पर स्मरण करना केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को उनके कार्यों से प्रेरणा लेने का अवसर देना भी है।
— अभिषेक कुमार

Editor CP pandey

Share
Published by
Editor CP pandey

Recent Posts

केवल शोभायात्रा नहीं, समाज बदलने का संकल्प है वाल्मीकि जयंती; जानिए आदिकवि की अमर सीख

भगवान वाल्मीकि जयंती विशेष: रामलीला से पहले क्यों लाई जाती है रामतीर्थ की अखंड ज्योति?…

7 minutes ago

महंगे पार्लर की जरूरत नहीं! करवा चौथ पर त्वचा की देखभाल के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

करवा चौथ पर चांद-सा निखरेगा आपका रूप! घर पर ही करें बॉडी पॉलिशिंग, त्वचा बनेगी…

23 minutes ago

जिनकी विदाई के बाद भी अमर हैं उनके विचार, साहित्य और संगीत की विरासत

26 अक्टूबर विशेष: प्रस्तुति: अभिषेक कुमार इतिहास केवल उन लोगों की कहानी नहीं है, जिन्होंने…

45 minutes ago

दैनिक राशिफल 26 अक्टूबर 2026: सोमवार को चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें मेष से मीन तक का हाल

26 अक्टूबर 2026, सोमवार | दैनिक पंचांग एवं राशिफल | सभी 12 राशियां सोमवार का…

1 hour ago

नशा माफियाओं पर चौतरफा प्रहार!

ऑपरेशन ट्राइडेंट से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में खलबली, 38 ठिकानों पर छापेमारी और 1,424 बैंक…

1 hour ago

संतकबीरनगर में 1597 मतदेय स्थल प्रस्तावित, 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का विभाजन

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य…

4 hours ago