रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना का संचालन 6 फरवरी से

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं एवं बालिकाओं को तात्कालिक आर्थिक व चिकित्सीय राहत सुनिश्चित किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना का संचालन 06 फरवरी 2015 से जनपद में किया जा रहा है। योजना के अन्तर्गत पीड़िताओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति की संस्तुति रू तीन लाख से दस लाख तक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला संचालन समिति के द्वारा किये जाने का प्राविधान नियमावली के अन्तर्गत किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र ने बताया कि उक्त योजनान्तर्गत अभी तक जनपद में कुल 162 प्रकरणों में पीड़िताओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति का भुगतान विभाग द्वारा किया जा चुका है। योजनान्तर्गत नियमावली के अनुसार कुल आईपीसी की पाँच धाराओ, एवं पोक्सो एक्ट की तीन धाराओ क्रमशः 326ए आईपीसी, 304बी आईपीसी, 376ए आईपीसी, 376सी आईपीसी, 376ड आईपीसी, 4,6,14 पोक्सो एक्ट एवं 302 आईपीसी के साथ पठित 4 या 6 पोक्सो एक्ट के अन्तर्गत पीड़िताओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति दिये जाने का प्राविधान है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024 में कुल 48 पीड़िताओं को एक करोड़ बासठ लाख पच्चीस हजार रू0 की आर्थिक क्षतिपुर्ति धनराशि का भुगतान हुआ है। इसके अतिरिक्त 96 प्रकरणों में जिला संचालन समिति के अनुमोदनोपरान्त कोष मुख्यालय भुगतान हेतु प्रेषित किया गया है। उन्होंने बताया कि नियमावली में किये गये प्राविधान के अनुसार तीन स्तरों पर आवश्यक कार्यवाही किया जाना अपेक्षित रहता है। सर्वप्रथम नोडल पुलिस अधिकारी द्वारा एफआईआर की प्रति कोष पोर्टल पर अपलोड करते हुए डिजीटल हस्ताक्षर किया जाता हैl तदुपरान्त वह प्रकरण नोडल चिकित्सा अधिकारी की लॉग-इन पर प्रदर्शित होता है, जिसमें उनके द्वारा मेडिकल लीगल ओपिनियन अंकित करते हुए डिजीटल हस्ताक्षर किया जाता है। जिसके उपरान्त वह प्रकरण जिला संचालन समिति के स्तर पर अग्रसारित हो जाता है। जिला संचालन समिति द्वारा पीड़िता से सम्बन्धित एफआईआर चार्जशीट व मेडिकल लीगल रिपोर्ट के परीक्षण के उपरान्त आर्थिक क्षतिपूर्ति के सम्बन्ध में निर्णय लिया जाता है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि उक्त योजना अंतर्गत वर्ष 2024 में पीड़िताओं के प्राप्त प्रकरणों में धारा 4 पॉक्सो में निर्धारित धनराशि रुपया तीन लाख के हिसाब से 24 पीड़िताओं को लाभान्वित करते हुए कुल 72 लाख रुपया का भुगतान किया गया है। धारा 6 पॉक्सो में निर्धारित धनराशि रुपया तीन लाख के हिसाब से 17 पीड़िताओं को लाभान्वित करते हुए कुल 45 लाख रुपया का भुगतान किया गया है एवं धारा 376डी आईपीसी में निर्धारित धनराशि रुपया सात लाख के हिसाब से 07 पीड़िताओं को लाभान्वित करते हुए कुल 45 लाख 25 हजार रुपया का भुगतान किया गया है।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

PWD निर्माण कार्यों में रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों की बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, उपखनिज रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था पर तत्काल…

7 hours ago

व्यथा धरा की

सुन कर मन की व्यथा धरा की ,आकाश को रोना पड़ेगाएक दिन ऐसा आएगाजब क्षितिज…

7 hours ago

प्रतिरोध स्वयं  का

✍️ सोनम सोनी आज मन का सागर शांतहो गया --- क्यों ।वो उथल-पुथल, हलचल हलचल,उलझन…

7 hours ago

सरकारी योजना का लाभ पाने का मौका, जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई को पहुंचें हाटा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…

1 day ago

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

2 days ago