रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका! ट्रेन को उड़ाने की साजिश की आशंका, बाल-बाल टला बड़ा हादसा
श्रीगंगानगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके ने रेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 जीबी के पास हुए विस्फोट में पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो से तीन स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। धमाका इतना तेज था कि स्लीपर के भीतर लगा सरिया तक बाहर निकल आया और रेलवे ट्रैक को मजबूती से जोड़ने वाले क्लिपर भी अपनी जगह से अलग हो गए। शुरुआती जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि अनूपगढ़ से बठिंडा जाने वाली ट्रेन को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि धमाका ट्रेन के गुजरने के बाद हुआ, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया। ट्रेन निकलते ही धमाका, कई सवाल खड़े मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलखंड पर गांव 50 जीबी के निकट रेलवे ट्रैक पर अचानक विस्फोट हुआ। बताया जा रहा है कि अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली ट्रेन के गुजरने के कुछ देर बाद धमाका हुआ। घटनास्थल पर पटरी के नीचे लगे कंक्रीट स्लीपरों को पहुंचा नुकसान विस्फोट की तीव्रता को दर्शाता है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किसने और किस उद्देश्य से किया। ट्रेन के गुजरने से पहले यदि धमाका हो जाता और पटरी को गंभीर नुकसान पहुंचता, तो यात्रियों की जान पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। फिलहाल, किसी बड़ी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, घटना को लेकर आधिकारिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौके पर पहुंचे एसपी, जांच एजेंसियों ने संभाला मोर्चा रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की सूचना मिलते ही श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरि शंकर घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। एफएसएल टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जरूरी साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया, ताकि विस्फोट की प्रकृति और इस्तेमाल की गई सामग्री के संबंध में जांच की जा सके। किसने बिछाया खतरा? जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें एसपी हरि शंकर के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल विस्फोट के पीछे किसका हाथ है, इसका उद्देश्य क्या था और घटना में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हुआ, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। रेलवे ट्रैक पर इस तरह का विस्फोट केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह जानबूझकर की गई साजिश थी या विस्फोट के पीछे कोई अन्य कारण था। नोट: घटना के कारण, जिम्मेदार लोगों और संभावित साजिश को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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