जर्मनी की नौकरी छोड़ बने IAS, अब मधुबनी में धैर्य को लेकर चर्चा में DM आनंद शर्मा

फोटो AI निर्मित

महिला ने पकड़ा DM आनंद शर्मा का कॉलर, फिर भी नहीं खोया आपा! मधुबनी की घटना का वीडियो वायरल, जानिए कौन हैं IAS अधिकारी

मधुबनी (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार के मधुबनी जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों के धैर्य और संवेदनशीलता को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। एक ग्रामीण की मौत के बाद गुस्साए लोगों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी आनंद शर्मा को विरोध का सामना करना पड़ा। हालात उस वक्त और तनावपूर्ण हो गए, जब एक महिला ने कथित तौर पर डीएम का कॉलर पकड़ लिया। हालांकि, इस दौरान आनंद शर्मा ने अपना संयम बनाए रखा। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उनके व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं।

पुलिस की फायरिंग में ग्रामीण की मौत, तीन घायल

मामला बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत बलिराजगढ़ गांव का बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एएसआई चंद्रमोहन सिंह की पिस्टल से चली गोली गांव के निवासी अशोक यादव को लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। इस घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में घटना को लेकर नाराजगी थी। माहौल तनावपूर्ण होने के बीच प्रशासनिक अधिकारियों के सामने लोगों को शांत कराना बड़ी चुनौती बन गया।

परिजनों से मिलने पहुंचे DM, अचानक बढ़ा तनाव

घटना के बाद जिलाधिकारी आनंद शर्मा प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे। बताया जाता है कि उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से बात की और आरोपित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तथा मृतक के परिवार को उचित सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद डीएम और पुलिस अधीक्षक मृतक अशोक यादव के घर पहुंचे। वहां वे मृतक की पत्नी अश्मिता देवी से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने कथित तौर पर डीएम का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस अप्रत्याशित स्थिति के बावजूद डीएम ने अपना आपा नहीं खोया। यही घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

कौन हैं IAS आनंद शर्मा?

आनंद शर्मा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2013 बैच के अधिकारी बताए जाते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले शर्मा ने कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई की और जर्मनी में भी नौकरी की। बताया जाता है कि उनके पिता की इच्छा थी कि वह सरकारी सेवा में आएं। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना।
बिहार में उन्होंने एडीएम/एसडीओ सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। वह बिहार पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक और सहायक सचिव तथा उप विकास आयुक्त जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। वर्ष 2025 से वह मधुबनी के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत बताए जाते हैं। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मान मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

घटना ने छेड़ी नई बहस

मधुबनी की यह घटना एक ओर ग्रामीणों के गुस्से और न्याय की मांग को सामने लाती है, तो दूसरी ओर तनावपूर्ण परिस्थितियों में प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर भी ध्यान खींचती है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना की पूरी परिस्थितियों को समझना जरूरी है। ग्रामीण की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना सबसे अहम है।

Editor CP pandey

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