अमृत सरोवर के आधे-अधूरे कार्य होने पर उठा सवाल, कब आयी बाढ़ बह गया बंधा, या धनाभाव के कारण रुका कार्य

जलमिशन योजना के कारण हो सकती बड़ी दुर्घटना जिम्मेदार कौन?

मईल/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
ग्राम कपूरी के अंतर्गत हो रहे अमृत सरोवर जलाशय का कार्य आधा अधूरा ही तैयार हो पाया है वही लगभग 1 महीने से कोई कार्य प्रगति पर नही है इसे धनभाव माना जाए या कार्य पूर्ण होने की उपाधि यही नही एक नजर देखने से लगता है कि अभी तक कराया गया कार्य मानक पर खरा नही उतर रहा है।
देखने पर मिला की कई जगह पर अमृत सरोवर जलाशय का बंधा मौके पर कटा हुए देखने को मिला इस बारे में जब ग्राम प्रधान से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बाढ़ आ जाने से बंधा कट गया है जबकि वहां के लोगों के द्वारा यह बताया गया कि विगत दो-तीन महीनों से ऐसी कोई बाढ़ जैसी स्थिति देखने को नही मिली है। अमृत-सरोवर जलाशय लोगों जल ठहराव के साथ ग्रामीणों के अनेक सुविधाओं के लिए बना रहे हैं। किनारों पर कोई पक्का कार्य किया ही नही गया है ना ही कहीं बैठने का उचित स्थान दिया गया है।अभी भी अमृत सरोवर जलाशय का विगत आज की परिस्थितियों और वर्तमान स्थितियों को देखा जाए तो वह सिर्फ और सिर्फ एक नाम मात्र का ही रह गया है। जबकि प्रधान द्वारा यह पूछा गया कि क्यों निर्माण कार्य आज भी आधा अधूरा है तो उन्होंने यह बताया कि शासन के द्वारा फंड अभी निर्गत नहीं किया गया है। जब इस संदर्भ में टी. ए. धर्मेंद्र सिंह से पूछा गया कि जो अमृत सरोवर जलाशय का कार्य हो रहा है वह कार्य अभी आधा अधूरा है तो उनके द्वारा यह वक्तव्य दिया गया कि मैं विगत कुछ दिनों से छुट्टी पर हूं और मेरे जगह पर ब्लॉक टी.ए. उस कार्य को देखरेख कर रहे हैं।


वहीं दूसरी ओर यह भी बताते चलें कि जल-जीवन मिशन योजना के अंतर्गत ग्राम एकौना ग्राम सभा कपूरी के अंतर्गत भूमिगत पाइप जो बिछाई जा रही हैं उसे बिछाने के उपरांत उसे पर मिट्टी जो निकाली गई है को बेतरतीब तरीके से ढकने का कार्य किया जा रहा है ।जिससे आये दिन लोगो के जान जोखिम में पड़ता दिख रहा किसी का अचानक उस गढ्ढे में यदि पैर चला जाये तो बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

इस समस्या से अवगत कराते हुए पूछने पर ग्राम प्रधान ने बताया कि यह कार्य हमारे ग्राम पंचायत के अंतर्गत नहीं है ।इससे पल्ला झाड़ते हुये नजर आए।आखिर अब सवाल यह उठता है सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर जल को गॉव स्तर पर पहुचाने की जिम्मेदारी है, पर गांव के अंतर्गत होने वाले विकास कार्य को विकास कार्य न कहकर विनाश कार्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? यह अकेले इस गाँव की नही सभी गाँव की समस्या हो गयी है ,जलमिशन ने कितनो को लगड़ा बना चुका है।जिम्मेदार जिम्मेदारी क्यो नही ले रहे।

rkpnews@somnath

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