कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा )जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में अब समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाली न्यायालयों से संबंधित सार्वजनिक सूचनाएं केवल हिंदी भाषा में ही प्रकाशित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय हिंदी प्रतिष्ठापन मंच के महामंत्री डॉ. कैलाश नाथ पाण्डेय द्वारा भेजे गए पत्र और दैनिक समाचार पत्र, प्रयागराज संस्करण, दिनांक 02 अप्रैल 2025 के पृष्ठ संख्या-3 में प्रकाशित एक सार्वजनिक सूचना की भाषा की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया था। उक्त सूचना देवनागरी लिपि में होते हुए भी उसमें अरबी/फारसी मूल के शब्दों का अत्यधिक प्रयोग किया गया था, जिससे आम जनमानस को समझने में कठिनाई हो सकती है।
इस संदर्भ में जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 1947 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, “इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा अवध के चीफ कोर्ट के अधीनस्थ सभी दीवानी न्यायालयों की भाषा हिंदी होगी।”
उन्होंने निर्देशित किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी सार्वजनिक सूचना को प्रकाशित करते समय हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने उदाहरणस्वरूप उक्त सूचना का शुद्ध हिंदी अनुवाद भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, ताकि इसे आगे मार्गदर्शन के रूप में अपनाया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य न्यायालयों की कार्यवाहियों को आम जनता के लिए अधिक सुलभ और समझने योग्य बनाना है, जिससे सभी नागरिकों को न्यायिक जानकारी पढ़ने, समझने और प्रयोग करने में सुविधा हो सके।
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