कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा आर्थिक रूप से विपन्न साहित्यकारों को साहित्यकार कल्याण कोष योजना अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत अनुदान हेतु जनपद से ऐसे साहित्यकारों और रचनाकारों के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जो विषम आर्थिक स्थिति ग्रस्त हैं।इनके लिए जारी योजनाओं का विवरण इस प्रकार है।
साहित्यकार कल्याण कोष योजना- इस योजना के अन्तर्गत विषम आर्थिक स्थितिग्रस्त या रुग्ण साहित्यकारों को जिनकी वार्षिक आय (समस्त स्रोतों से) रुपये पांच लाख तक है, उन्हें अधिकतम रुपये पचास हजार तक अनावर्तक चिकित्सा हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये जाते हैं।
प्रकाशन अनुदान – इस योजना के अन्तर्गत ऐसे रचनाकारों को, जिनकी वार्षिक आय (समस्त स्रोतों से ) रुपये पांच लाख तक है, उनकी पाण्डुलिपि के मुद्रण के लिए प्रकाशन अनुदान प्रदान करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित हैं। (पुस्तक अधिकतम 200 पृष्ठों की हो) पाण्डुलिपि संलग्न करना अनिवार्य है । प्रस्तुत पाण्डुलिपि वापस नहीं की जाएगी।
उक्त दोनों योजनाओं की नियमावली एवं आवेदन पत्र का प्रारूप संस्थान कार्यालय से किसी कार्य दिवस में प्राप्त किया जा सकता है। संस्थान में प्रार्थना पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि 21 जुलाई 2023 है। योजनाओं के विवरण एवं प्रार्थना पत्र का प्रारूप संस्थान की वेबसाईट www.uphindisansthan.in पर भी उपलब्ध है ।
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