पुष्पवाटिका प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत पगरा बसंतपुर के ब्रह्म स्थान पर, आयोजित नौ दिवसीय रामकथा अमृतवर्षा व अखंड हरिकीर्तन के पांचवे दिन बुधवार की रात्रि कथावाचिका सत्यामणि त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को पुष्प वाटिका प्रसंग सुनाया। कथावाचिका ने बताया कि जब राम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे तो राजा जनक ने उन्हें सम्मान के साथ जनकपुरी में ठहराया। गुरु विश्वामित्र के पूजन के लिए जब राम और लक्ष्मण पुष्प वाटिका पहुंचे तो किस तरह राम और सीता ने मर्यादा का पालन करते हुए एक दूसरे को देखा था। व्यास ने कहा कि राम छोटे भाई से बातें कर रहे हैं, लेकिन सीता के रूप में लुभाया हुआ उनका मन सीता के कमल जैसे मुख की मकरंद रूपी छवि को भौंरे की तरह पी रहा है। उधर, माता सीता की सखियों ने लता की आड़ में सांवले और गोरे सुंदर कुमारों को दिखलाया। उनके रूप को देखकर नेत्र ललचा उठे, रामचंद्र की छवि देखकर नेत्र निश्चल हो गए। पलकों ने भी गिरना छोड़ दिया, अधिक स्नेह से देह की सुध-बुध जाती रही। मानो शरद् ऋतु के चंद्रमा को चकोरी देख रही हो, उन्होंने भक्तों को बताया कि परिस्थितियां कैसी भी रही हों, लेकिन प्रभु श्रीराम ने हमेशा मर्यादा का ही पालन किया है।
किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के…
✍️ विजय गुंजन भारत की भाग्यरेखा से भ्रष्टाचार का अंधकार मिटे,जन-जन की चेतना से नवक्रांति…
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल की सहभागिता में सैकड़ों लोगों ने किया योगाभ्यास बरहज/देवरिया (राष्ट्र…
अदाणी फाउंडेशन ने 3,000 पशुओं के टीकाकरण का रखा लक्ष्य, गलघोंटू बीमारी से बचाव पर…
दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को लेकर देवरिया पहुंचे प्रदेश उपाध्यक्ष बरहज/देवरिया…
सफल प्रतिभागियों को प्रदान किया गया निःशुल्क डिजिटल प्रमाणपत्र पटना (राष्ट्र की परम्परा)। अंतर्राष्ट्रीय योग…