प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा: सुरक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी को मिला नया आयाम

नई दिल्ली, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मालदीव यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई। मालदीव की राजधानी माले में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने भारत-मालदीव संबंधों की मजबूती और आपसी सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, मालदीव की सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर समर्थन देता रहेगा। उन्होंने कहा, “भारत और मालदीव के बीच बढ़ता हुआ सुरक्षा सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा रणनीतिक हितों को दर्शाता है।” दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों और आपदा प्रबंधन पर विशेष चर्चा हुई।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव को एक बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी घोषणा की। भारत, मालदीव को 565 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 4700 करोड़ रुपये) की ऋण सहायता देगा, जिससे इस द्वीपीय राष्ट्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी। यह राशि विशेष रूप से परिवहन, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए उपयोग में लाई जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत मालदीव को एक भरोसेमंद और स्थायी साझेदार मानता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और समृद्धि के लिए मालदीव के साथ मिलकर काम करता रहेगा।

राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने भी भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि मालदीव भारत के साथ अपने पुराने और घनिष्ठ रिश्तों को नई ऊंचाई तक ले जाना चाहता है। उन्होंने भारत को विकास, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में एक अहम भागीदार बताया।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। भारत की यह पहल द्विपक्षीय भरोसे को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

भारत देगा मालदीव को 565 मिलियन डॉलर की ऋण सहायतासुरक्षा, समुद्री निगरानी और आपदा प्रबंधन में सहयोग पर जोर द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती देने पर हुई व्यापक चर्चा‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत भारत की रणनीतिक सक्रियता स्पष्ट ,यह यात्रा क्षेत्रीय कूटनीति और सहयोग की दिशा में भारत के प्रयासों को रेखांकित करती है और भारत-मालदीव संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है।

Editor CP pandey

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