महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लाक क्षेत्र में जन्म और मृत्यु प्रमाण- पत्र बनवाने के लिए लोगों को महीनों दौड़ना पड़ रहा है। जरूरतमंद व्यक्ति बार-बार ब्लाक और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। कागजी कार्यवाही की जटिलता और अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्रमाण पत्र प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार सरकारी दफ्तरों में चल रही लापरवाही का फायदा बिचौलिये जमकर उठा रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि जब वे सीधे आवेदन करते हैं, तो महीनों तक उनका प्रमाण- पत्र नहीं बनता, लेकिन जब किसी बिचौलिए के जरिए आवेदन किया जाता है, तो महज कुछ दिनों में प्रमाण पत्र हाथ में आ जाता है। इसके लिए लोगों से 200 सौ से 500 व एक हजार तक वसूल भी किए जा रहे हैं। ऐसे में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रमाण-पत्र बनवाना एक बहुत बड़ा संकट भी बन गया है। लोगों ने बताया कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक को बच्चे का जन्म जिससे यह साबित हो जैसे टीका कार्ड, माता पिता आधार कार्ड, नोटरी शपथ पत्र उपजिलाधिकारी के नाम,व आवेदन पत्र के साथ पांच गवाहों के आधार कार्ड की फोटो कापी जिसे एसडीएम मार्क करेंगे बीडीओ को बीडीओ करेंगे एडीओ पंचायत को एडीओ पंचायत करेंगे ग्राम पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत सचिव आख्या उपलब्ध कराते हुए उपर की प्रकिया फिर से दोहराते हुए आवेदक का सभी दस्तावेज फिर चला जायेगा उपजिलाधिकारी कार्यालय जहां एसडीएम जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव को जारी करते हैं। उसके बाद ही ग्राम पंचायत सचिव जारी करते हैं प्रमाण पत्र उपरोक्त ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने बताया कि वे तीन से चार महीने से लगातार ब्लाक और तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें हर बार कोई न कोई नया दस्तावेज लाने को कहा जाता है। कई बार आवेदन पत्र यह कहकर लौटा दिया जाता है कि इसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसके चलते लोग बार-बार दस्तावेजों का इंतजाम करने में ही लगे रहते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि जन्म प्रमाण पत्र समय से नहीं बनने से बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा है, वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने से कई परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने ऑन-लाइन प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह प्रभावी नहीं हो पा रही। जब संदर्भ में संबंधित अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने केवल यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि प्रक्रिया में समय लगता है और सभी आवेदन सही तरीके से निपटाए जा रहे हैं। हालांकि, लोगों का कहना है कि यदि अधिकारियों की मंशा सही होती, तो इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। नौतनवां क्षेत्र में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही से आम जनता परेशान है। बिचौलियों की सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम में खामियां हैं, जिन्हें जल्द से जल्द सुधारने की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि वह आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाए और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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