मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)
पूर्वी उपनगर के गोवंडी इलाके में मनपा की ओर से संचालित शताब्दी अस्पताल में ईसीजी टेकनीशियन का पद पिछले पांच-छह महीने से खाली पड़ा है। इस कारण शताब्दी अस्पताल में आने वाले मरीजों को ईसीजी कराने के लिए प्राइवेट अस्पतालो में जाना पड़ता है। बताया जाता है कि गरीब मरीजों से निजी अस्पतालों द्वारा ई सीजी के नाम पर ज्यादा पैसा वसूला जाता है, ऐसे में गरीब मरीजों की हालत खस्ता हो गई है। उसके बाद भी मनपा प्रशासन की ओर से ईसीजी टेक्नीशियन को नहीं नियुक्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में इलाज के लिए नई मुंबई, मानखुर्द, गोवंडी और चेंबूर इलाके की झोपड़पट्टियों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। लेकिन इस अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं की सदैव ही कमी देखने को मिलती है। मुंबई कांग्रेस रोजगार स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डॉ सत्तार खान ने बताया कि शताब्दी अस्पताल सायन पनवेल राजमार्ग, घाटकोपर-मानखुर्द रोड और फ्रीवे के निकट है। ऐसे में रात देर रात दुर्घटना होने पर सबसे पहले घायलों को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। इसके बाद उन्हें सायन या केईएम अस्पताल भेजा जाता है. लेकिन यहां ईसीजी टेकनीशियन नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। डॉ. सत्तार खान के अनुसार घाटकोपर में हिंदू महासभा अस्पताल जो कि ट्रस्ट का था। कुछ माह पूर्व इस अस्पताल के बंद होने के बाद से गरीब मरीजों की भीड़ राजावाडी अस्पताल और शताब्दी अस्पताल में बढ़ती जा रही है। ऐसे में मनपा प्रशासन की ओर से इन अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को मुहैया कराई जाय ऐसी मांग डॉ. सत्तार खान ने की है।
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