पाकिस्तान: ISI एसेट नूर आलम महसूद के घर फिदायीन हमला

पाकिस्तान (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और हिंसक घटना सामने आई है। यहां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए काम करने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के पूर्व आतंकी नूर आलम महसूद के घर पर शादी समारोह के दौरान बड़ा फिदायीन आत्मघाती हमला हुआ। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हमले में नूर आलम महसूद समेत कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह आत्मघाती हमला उस समय हुआ जब नूर आलम महसूद के घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। शादी समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग में यह भयावह हमला कैद हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ओर नाच-गाना और जश्न का माहौल था, तभी अचानक तेज धमाके के साथ एक कमरे में विस्फोट हो गया। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

धमाके के तुरंत बाद सामने आई तस्वीरें और वीडियो बेहद दर्दनाक हैं। चारों तरफ क्षत-विक्षत शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शादी का पूरा माहौल पल भर में मातम में बदल गया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर केवल 5 मौतों की पुष्टि की गई है।

टीटीपी से कब अलग हुआ था नूर आलम महसूद?

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में नूर आलम महसूद ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से नाता तोड़ लिया था। उसने पाकिस्तानी सेना के ‘जर्ब-ए-अज़्ब’ ऑपरेशन का विरोध करते हुए टीटीपी छोड़ दी थी और इसके बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में आ गया।

ISI के कहने पर नूर आलम महसूद ने डेरा इस्माइल खान क्षेत्र में अपने साथ टीटीपी छोड़ चुके आतंकियों की एक निजी सेना खड़ी की। इस समूह को पाकिस्तानी सेना और ISI ने “शांति कमेटी” का नाम दिया था। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य टीटीपी के आतंकियों के खिलाफ लड़ाई लड़ना था। इसी वजह से पाकिस्तानी सेना और ISI इस गुट को “गुड तालिबान” भी कहती थी।

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आईएसआई का एसेट माना जाता था नूर आलम

नूर आलम महसूद के लड़ाके पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर टीटीपी के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लेते थे। वह लंबे समय से डेरा इस्माइल खान में रह रहा था और सुरक्षा एजेंसियों का करीबी माना जाता था। यही कारण है कि उसके घर पर हुए इस फिदायीन हमले को सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना जा रहा है।

किसने करवाया हमला?फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है। हालांकि जिस तरह से नूर आलम महसूद टीटीपी के खिलाफ सक्रिय था, उसे देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह फिदायीन आत्मघाती हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की ओर से करवाया गया हो। सुरक्षा एजेंसियां हमले की जांच में जुटी हुई हैं।

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Karan Pandey

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