नई दिल्ली,(राष्ट्र की परम्परा) सुबह जैसे ही संसद का मानसून सत्र दोबारा शुरू हुआ, राज्यसभा और लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची में कथित संशोधन को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों ने “लोकतंत्र बचाओ”, “संविधान बचाओ” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार पर हमला बोला और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और सभापतियों को दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही अब बुधवार, 23 जुलाई को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सूची के साथ छेड़छाड़ करके केंद्र सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही है। साथ ही, उन्होंने हाल के अन्य विवादास्पद मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और कथित संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग—पर भी चर्चा की मांग रखी।
संसद परिसर में भी विपक्षी सांसदों ने काली पट्टियाँ बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और ‘संवैधानिक मूल्यों की रक्षा’ की अपील की। उधर, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार इसे ‘राज्य का विषय’ बताकर चर्चा से बचना चाह रही है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बुधवार को सदन में किस तरह की रणनीति अपनाई जाती है और क्या सरकार विपक्ष को चर्चा का अवसर देती है।
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