पंचांग 29 दिसंबर 2025: सोमवार का संपूर्ण द्रिक पंचांग | पौष शुक्ल नवमी–दशमी | Rahu Kaal, शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज का पंचांग – 29/12/2025 (सोमवार)
ये भी पढ़ें – छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘मास्टरजी’ की साहित्यिक विरासत
📌 तिथि
शुक्ल पक्ष नवमी – सुबह 10:12 AM तक
शुक्ल पक्ष दशमी – 10:12 AM से अगले दिन 07:51 AM तक
📌 विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त संवत्सर)
📌 शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
📌 चंद्र मास – पौष (अमांत व पूर्णिमांत)
📌 वार – सोमवार
ये भी पढ़ें – प्रकृति के सुकुमार महाकवि सुमित्रानंदन पंत: शब्दों में बसी संवेदना की अमर यात्रा
🌙 नक्षत्र, योग व करण
नक्षत्र
रेवती – सुबह 07:40 AM तक (गण्डमूल)
अश्विनी – 07:41 AM से अगले दिन 06:04 AM तक
योग
परिघ – 07:36 AM तक
शिव – 07:36 AM से अगले दिन 04:31 AM तक
सिद्ध – 04:31 AM के बाद
करण
कौलव – 10:12 AM तक
तैतिल – 10:12 AM से 09:06 PM तक
गर – 09:06 PM के बाद
ये भी पढ़ें – यूं ही कोई जेटली नहीं बन जाता
☀️ सूर्य व 🌕 चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 07:11 AM
सूर्यास्त – 05:46 PM
चन्द्रोदय – 01:07 PM
चन्द्रास्त – 02:29 AM (30 दिसंबर)
सूर्य राशि – धनु
चंद्र राशि –
07:40 AM तक मीन
उसके बाद मेष
ये भी पढ़ें – ठंड व शीतलहर के बीच डीएम ने वृद्धाश्रमों का किया निरीक्षण, सुविधाओं का लिया जायजा
⛔ अशुभ काल (महत्वपूर्ण सावधानी)
राहुकाल – 08:30 AM – 09:50 AM
यमगण्ड – 11:09 AM – 12:28 PM
कुलिक – 01:48 PM – 03:07 PM
दुर्मुहूर्त –
12:49 PM – 01:32 PM
02:56 PM – 03:39 PM
वर्ज्यम् – 02:20 AM – 03:50 AM
ये भी पढ़ें – भयानक मानवीय संकट से जूझ रहा अफगानिस्तान, भुखमरी की चपेट में करोड़ों लोग
✅ शुभ काल व श्रेष्ठ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – 05:35 AM – 06:23 AM
अभिजीत मुहूर्त – 12:07 PM – 12:49 PM
अमृत काल – 11:21 PM – 12:50 AM
👉 सर्वार्थसिद्धि योग
अश्विनी नक्षत्र व सोमवार के संयोग से सुबह 07:41 AM के बाद शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है।
ये भी पढ़ें – भारतीय युवक पर नेपाली नागरिक होने का आरोप
🧭 दिशा शूल व यात्रा विचार
🚫 यात्रा वर्जित दिशा – पूर्व दिशा (सोमवार)
यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या करें?
दही या गुड़ खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
ये भी पढ़ें – अंतर्जनपदीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में शामिल हुए सांसद बहराइच
✅ लाभकारी दिशा – उत्तर एवं पश्चिम
इन दिशाओं में यात्रा से कार्यसिद्धि व लाभ की संभावना बढ़ती है।
🌿 आज का भावार्थ (संक्षिप्त फल)
आज का दिन संयम, धैर्य और आत्मनिरीक्षण का है।
रेवती से अश्विनी में चंद्रमा का प्रवेश नई शुरुआत, साहस और कर्मशीलता का संकेत देता है।
शिव योग मन को स्थिरता देता है, जबकि सिद्ध योग प्रयासों को परिणाम तक पहुँचाने में सहायक होता है।
ये भी पढ़ें –सृष्टि चौहान बनीं भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट
📝 नोट: इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा उत्तरदायी नहीं है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व कृपया योग्य ज्योतिषाचार्य या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
07 फरवरी 2026 को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, चित्रा नक्षत्र और कन्या राशि में…
दिसंबर 2025 की परीक्षा में सौ से अधिक विद्यार्थियों को सफलता, हिंदी विषय से सर्वाधिक…
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर-बेल्थरा मार्ग पर शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल के ग्राम पिपरपाती तिवारी में उस समय उत्सव जैसा माहौल…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बैकुंठपुर में शुक्रवार सुबह उस…