सादुल्लानगर/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।स्थानीय क्षेत्र के लौकिया ताहिर में स्थित बाबा लौकिया में
रामलीला के चौथे दिन पुष्प वाटिका का मनमोहक दृश्य मे जनकपुर की बाबली सखी भगवान राम व लखन के दृश्य को देखकर स्तम्भ रहकर प्रेम मे पागल हो जाती है ऐ दृश्य माँ जानकी जी बताती है। जब फुलवारी मे सीता जी का दृश्य राम जी पर पडंती है तो आखे एकटक देखती रही है। वही राम सीता को देखकर कहते है।
हे लक्ष्मण बडा अचम्भा है छा गई सरस्वती कमलो मे भौरो का दल गुंजाय हुआ। इन सुन्दर शब्दो को सुन्कर भाष्तित होता है। मन को सहित सीता जी राम जी के प्रति प्रेम व गिरजापूजन कर भगवान राम को वर के रूप में मांगना का दृश्य दर्शको का मनमोहा।
ताड़का वध का दृश्य राम और लक्ष्मण के वनवास के दौरान आता है। ऋषि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को जंगल में लेकर जाते हैं।जहां राक्षसी ताड़का का आतंक फैला हुआ होता है।ताड़का एक शक्तिशाली राक्षसी है।जो जंगल में साधुओं और ऋषियों को परेशान करती है।उसके बाद विश्वामित्र का आगमन होता है। विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को ताड़का के बारे में बताते हैं। और उन्हें उसके वध का कार्य सौंपते हैं।ताड़का का प्रवेश: ताड़का जंगल में चीखते हुए प्रवेश करती है। और राम और लक्ष्मण पर हमला करती है।राम का बाण: राम ताड़का को चेतावनी देते हैं, लेकिन वह नहीं मानती। राम अपने धनुष से बाण चलाते हैं।
ताड़का वध: राम के बाण से ताड़का मारी जाती है। उसके वध के साथ जंगल में शांति लौट आती है, और ऋषि-मुनि राम का आभार व्यक्त करते हैं।
इस दृश्य में राम का धैर्य, शक्ति और धर्म की रक्षा के उनके संकल्प को दिखाया जाता है। इसी क्रम मे अहिल्या उद्धार व नगर भ्रमण सहित पुष्प वाटिका का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर आयोजक मंहन्थ पूर्व व्लाक प्रमुख महंन्थ वीरेन्द्र दास रामलीला के कार्यक्रम सफल बनाने के लिए मनोज यादव,जगत नारायण यादव, श्याम नारायण यादव ,अमरजीत यादव, बलराम यादव, नंदलाल यादव, सियाराम यादव ,लवकुश यादव ,अर्जुन यादव, अरविंद यादव, अर्जुन यादव ,राम गोविंद ,संचित, मुकेश यादव, रामकुमार व शिवाजी नये कमेटी सदस्य गठित किए गए।
इस अवसर पर नवनीत ओझा, मनमोहन दास ऊर्फ राजन ओझा,अन्नू ओझा,सुमित सिंह,रमेश चौहान,अशोक पाल,शेषमणि तिवारी व विनोद कृष्ण शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे।।
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