भूजल सप्ताह के पांचवें दिन जनपद में विद्यार्थियों ने भूजल संरक्षण का लिया संकल्प

विविध आयोजनों में दिखी जागरूकता की झलक

“जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” की थीम पर चित्रकला, प्रश्नोत्तरी व गोष्ठियों का आयोजन, छात्रों को किया गया सम्मानित

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। भूगर्भ जल विभाग द्वारा आयोजित भूजल सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को जनपद के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भूजल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण एवं जन-जागरूकता को लेकर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति गंभीरता से विचार साझा किए। पुलिस मॉडर्न स्कूल, पुलिस लाइन, आगरा में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने भूजल संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता के समापन पर विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान हाइड्रोलॉजिस्ट अवधेश कुमार भास्कर ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए दैनिक जीवन में भूजल के प्रति संवेदनशील रहने और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सभी को “जल शपथ” भी दिलाई। विद्यालय की प्रधानाचार्या रचना श्रीवास्तव ने “जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, पंचकुइयां, आगरा में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।इस प्रतियोगिता में विवेक अग्रवाल (कक्षा-9) ने प्रथम स्थान, कुमारी दिपंसी (कक्षा-9) ने द्वितीय स्थान,प्रिंस कुमार (कक्षा-9) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया। अहमदिया हनीफिया इंटर कॉलेज, ढोली खार, सदर भट्टी में आयोजित गोष्ठी में अवधेश कुमार भास्कर ने भूजल संरक्षण को आज की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को अपनी आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधनों की रक्षा करनी होगी। उन्होंने दैनिक जीवन में भूजल संचयन के सरल उपाय जैसे – वर्षा जल संग्रहण, टपक सिंचाई, रिसाव रहित नल और जल पुनः उपयोग के तरीकों पर बल दिया। इसी क्रम में, अनबरी नीलोफर गर्ल्स इंटर कॉलेज, ढोली खार, सदर भट्टी में वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने “जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्राओं व अध्यापिकाओं की सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाया।
हाइड्रोलॉजिस्ट भास्कर ने इस मौके पर छात्राओं को बताया कि भूजल संचयन की छोटी-छोटी विधियों को अपनाकर बड़े स्तर पर जल संरक्षण संभव है।

Karan Pandey

Recent Posts

बीबीएयू में राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला, जिम्मेदार पत्रकारिता और फैक्ट-चेकिंग पर दिया गया जोर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…

7 hours ago

भूगोल की पढ़ाई के खुले नए रास्ते, अब किसी भी संकाय के छात्र ले सकेंगे प्रवेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…

7 hours ago

भाजपा नेताओं ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का किया भव्य स्वागत

बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…

8 hours ago

विज्ञान और कहानी के संगम से निखरी बच्चों की प्रतिभा, ‘एससीआई-टेल्स 2026’ का भव्य आयोजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित 'एससीआई-टेल्स 2026 (साइंस, क्रिएटिविटी एंड…

8 hours ago

इस्तीफे की खबर पर छात्रों का जश्न पुलिस ने लिया हिरासत में

इंदिरा बाल विहार में मिठाई बांटकर मना रहे थे खुशी, अचानक पहुंची पुलिस गोरखपुर(राष्ट्र की…

8 hours ago

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ सारनाथ, वैश्विक पहचान को मिली नई ऊंचाई

नवनीत मिश्र उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं बौद्ध आस्था के प्रमुख केंद्र सारनाथ को यूनेस्को…

8 hours ago