मऊ(राष्ट्र की परम्परा)
नर्सिंग शिक्षा का मूल उद्देश्य सेवा है। शिक्षण केंद्र से बाहर निकलर समाज में अपनी सेवा से चिकित्सकीय क्षेत्र में पहचान बनाना होता है। शिक्षा, समर्पण, संस्कार के साथ सर्वसमाज की सेवा ही नर्सिंग शिक्षा का मूल है। इसे आत्मसात करना ही उत्तम विद्यार्थी का लक्षण है। डा संजय सिंह ने रविवार को शारदा नारायण इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज गड़वा पहसा में आयोजित लैंप लाइटिंग सेरेमनी कार्यक्रम में कही। नर्सिंग के सभी विद्यार्थियों ने दीप जलाकर सेवा का शपथ लिया।
संस्थान निदेशक डा एकिका सिंह ने कहा कि अच्छाई चाहे जहाँ से मिले उसे अपनाना चाहिए। उन अच्छाइयों को अपने अनुरूप आत्मसात करते हुए उसे समाज के लिए उपयोगी बनाना ही नर्सिंग शिक्षा की पूर्णता है। हर विद्यार्थी अपनी से अपने परिवार, समाज और संस्थान का नाम रोशन कर सकता है। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्रों ने सांगीतिक व सास्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मनमोह लिया। इस दौरान डा रुपेश सिंह, समाजसेवी पूजा राय, सुनील सिंह, अजीत सिंह, अरविंद कुशवाहा, प्रशांत रत्नम सिंह, प्रतीक जायसवाल, शिव कुमार सिंह, मंजू ने सबको शपथ दिलाई। कार्यक्रम के उपरांत डा एकिका सिंह व डा संजय सिंह ने नवनिर्मित छात्रावास का फीता काटकर उदघाटन किया।
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