महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना आम नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जहां एक ओर जरूरतमंद लोग महीनों तक ब्लॉक और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दलालों के माध्यम से आवेदन करने पर महज एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जा रहा है। इससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीधे आवेदन करने पर कर्मचारियों द्वारा तरह-तरह की औपचारिकताएं और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं। छोटी-छोटी त्रुटियां बताकर फाइलें लंबित कर दी जाती हैं। इसके विपरीत, कार्यालय परिसरों में सक्रिय बिचौलिए 500 से 1500 रुपये तक लेकर दस्तावेज एकत्र करते हैं और बिना किसी अड़चन के प्रमाण पत्र बनवाकर दे देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक और तहसील परिसर में दर्जनों की संख्या में दलाल खुलेआम सक्रिय रहते हैं। आरोप है कि ये बिचौलिए संबंधित कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर एक साथ 25 से 50 आवेदन संबंधित पटल तक पहुंचाते हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि यह पूरा तंत्र एक संगठित नेटवर्क की तरह कार्य कर रहा है।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए भी यदि सेटिंग का सहारा लेना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि आमजन का भरोसा शासन-प्रशासन पर बना रह सके।
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