वोटर लिस्ट विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी ने EC पर लगाए गंभीर आरोप

SIR को लेकर सियासी घमासान तेज, राहुल गांधी ने EC पर फिर साधा निशाना

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद बुधवार को और तेज हो गया। चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कथित आपत्तियों पर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ का आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि आयोग की मौजूदा प्रक्रिया मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए कहा कि ऐसा करना भारतीय नागरिकों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने अपने पोस्ट में भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए तथा कहा कि इस मामले में न्याय होगा।
आयोग ने रिपोर्ट पर दी अलग सफाई
विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची से नाम हटाने और मतदाता डेटा से जुड़े कुछ फैसलों पर सवाल शामिल थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ पहलुओं पर चिंताएं जरूर जताई थीं, लेकिन इसे आयोग के अंतिम फैसलों पर असहमति नहीं माना जा सकता। आयोग के अनुसार SIR से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
विपक्ष ने उठाए कई सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की है। वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं की ओर से चुनावी प्रक्रिया और हालिया चुनावों की वैधता को लेकर भी कड़े सवाल उठाए गए हैं।
इस बीच SIR की प्रक्रिया को लेकर न्यायपालिका में भी सवाल उठे हैं। दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नोटिसों को प्रथम दृष्टया ‘मैकेनिकल’ बताया और चुनाव आयोग से प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने के लिए अतिरिक्त फिल्टर पर विचार करने को कहा।
फिलहाल SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े अंतिम आंकड़ों और दावों पर स्थिति संबंधित राज्यों में पुनरीक्षण प्रक्रिया तथा आपत्तियों के निपटारे के बाद अधिक स्पष्ट होगी।

Editor CP pandey

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