शिंजो आबे को याद कर भावुक हुए मोदी

जापान एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तोक्यो में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इससे पहले जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में आज हम मिल रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछली बार जब मैं आया तब शिंजो आबे से काफी लंबी बात हुई थी और कभी सोचा ही नहीं था कि जाने के बाद ऐसी खबर सुनने की नौबत आएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान की दोस्ती ने एक वैश्विक प्रभाव पैदा करने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत-जापान संबंध और अधिक गहरे होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम विश्व में समस्याओं के समाधान में एक उचित भूमिका निभाने के लिए समर्थ बनेंगे।

हम आपको बता दें कि शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। उल्लेखनीय है कि 67 वर्षीय शिंजो आबे की आठ जुलाई को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह दक्षिणी जापानी शहर नारा में चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिंजे आबे को अपना प्रिय मित्र और भारत-जापान मित्रता का बड़ा हिमायती बताते रहे हैं। मोदी ने अपने जापान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के अलावा शिंजो आबे की पत्नी अकी से मुलाकात कर सभी भारतीयों की ओर से शोक-संवेदना प्रकट की। गौरतलब है कि मोदी और आबे ने एक दशक से अधिक समय के संबंधों के दौरान बैठकों व वार्ता के माध्यम से निजी संबंध कायम किए, जिसकी शुरुआत 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी की जापान यात्रा से हुई थी। प्रधानमंत्री के रूप में शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों को गहरा करने, आर्थिक संबंधों को एक व्यापक और रणनीतिक साझेदारी में बदलने और इसे दोनों देशों व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। भारत-जापान संबंधों में शिंजो आबे के योगदान को मान्यता तब मिली जब भारत ने उन्हें 2021 में प्रतिष्ठित ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया। यही नहीं, भारत ने शिंजो आबे के सम्मान में नौ जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया था।

जहां तक भारत और जापान के प्रधानमंत्री के बीच हुई द्विपक्षीय चर्चा की बात है तो आपको बता दें कि इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और जापान की विशेष रणनीतिक व वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने को लेकर बातचीत की। उन्होंने कई क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।’’ 

Editor CP pandey

Recent Posts

आरसेटी देवरिया में एसडीआर का औचक निरीक्षण, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का लिया जायजा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), देवरिया में आज एसडीआर दयाशंकर मिश्र…

2 hours ago

आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर 10 सितंबर को सवर्ण संगठन सौंपेंगे ज्ञापन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आरक्षण व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर सवर्ण समाज…

2 hours ago

गोरखपुर विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, हर माह की पहली तारीख को मिलेगा वेतन

25 तक उपस्थिति सत्यापन और 28 तक वेतन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश, नई व्यवस्था…

2 hours ago

राष्ट्रीय लोक अदालत से मिलेगी त्वरित राहत, मऊ में प्री-ट्रायल बैठक में बनी रणनीति

12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, मऊ में अधिकाधिक मामलों के निस्तारण की तैयारी मऊ…

2 hours ago

पनियरा ब्लॉक कार्यालय में प्रधानों का हंगामा, बीडीओ को कमरे में बंद कर किया प्रदर्शन

कमीशन मांगने और अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर प्रधानों में आक्रोश, जांच की मांग…

2 hours ago

कानून के रखवाले कानून से ऊपर कैसे? सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी ने खड़े किए बड़े संवैधानिक सवाल

सुप्रीम कोर्ट का आदेश बनाम स्थानीय प्रशासन: न्यायिक आदेश की अवहेलना का जवाब कौन देगा?…

2 hours ago