बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
नगर पालिका की नवनिर्वाचित तेज तर्रार अध्यक्ष अपनी छवि और कार्यशैली को लेकर चर्चा में तो जरूर है। लेकिन बरहज नगर के श्रद्धालुओं और शिवभक्तों की मुसीबत पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ रही है, यह लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। गौरा जयनगर तिवारीपुर के लगभग 10,000 लोगों को यदि नगरपालिका कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय, थाना कार्यालय या जिला मुख्यालय पर जाना हो तो उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर मुख्य सड़क की पटरियों पर लगने वाले मीट और मछली मार्केट से होकर उन्हें गुजरने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। यदि किसी को नीलकंठ मंदिर या अन्य मंदिर जाना हो तो उसकी मुसीबत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रतिदिन सायं 3:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक अटल तिराहे से सेठ इंद्रजीत गैस एजेंसी तक लगने वाले जाम मे वृद्धजनों , दिव्यांगों , महिलाओं और बच्चियों को गुजरते समय कितनी मुसीबत हो रही है, इसका अंदाजा तो यदि एक बार नगरपालिका अध्यक्ष इस बीच में उधर से गुजरे तो उन्हें होगा, ऐसा नहीं है कि इस मुसीबत से उन्हें जूझना नहीं पड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी भी गाड़ी यहां फसती रही है तो उस समय इन्होंने जरूर यह वादा किया कि अधिकार मिलने के बाद ही समस्या से निजात दिलाया जाएगा, लेकिन शपथ ग्रहण किए हुए भी लगभग दो वर्ष बीत गए लेकिन गौरा जयनगर और तिवारीपुर के लोगों को होने वाली असुविधा की सुधि अध्यक्ष ने क्यों नहीं ली, यह तो वही जाने। पवित्र श्रावण मास और अधिक मास दशहरा दीपावली सूर्यग्रहण चंद्रग्रहण कार्तिक पूर्णिमा माघी अमावस्या प्रत्येक रविवार आदि अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का इस मार्ग से गुजरना होता है जिन्हे बेहद असुविधा का सामना करना पड़ता है । बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का इधर से आना जाना होता है ।अभी से श्रद्धालु इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सड़क की दोनों पटरियो पर मछली और मीट मार्केट तथा गंदा पानी गिरे होने के कारण कैसे वे कावड़ का जल लेकर जाएंगे। नगर पालिका और तहसील प्रशासन की कोई जिम्मेदारी होती भी या नहीं यह तो नपा और तहसील प्रशासन जाने ।लेकिन लोगों को वर्तमान अध्यक्ष से बड़ी उम्मीद थी कि इस गंभीर समस्या से नगर वासियों को निजात दिलाएंगी लेकिन लगता है उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का निर्देश नगर पालिका और तहसील प्रशासन के लिए कोई मायने नहीं रखता। खुलेआम सड़क की पटरियों पर ही सजने वाली मुर्गे और बकरे के मांस की दुकान है और कटती हुई मछलियां उधर से गुजरने वाले लोगों को रोज मुंसीबत में डाल रही है ।लेकिन नगर पालिका प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है।
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