खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान सफल, बच्चों को लगा एमआर टीका

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भागलपुर ब्लॉक स्थित गोल्डन लाइफ चिल्ड्रन एकेडमी में आयोजित खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एमआर टीका लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर बच्चों का टीकाकरण किया और अभिभावकों को खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान का उद्देश्य बच्चों को खसरा और रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखना है। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता पूनम देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती माधुरी चौरसिया तथा एएनएम मंजू प्रजापति की विशेष भूमिका रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में एमआर टीका लगाया और आवश्यक स्वास्थ्य सलाह भी दी।

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, खसरा एक अत्यंत संक्रामक और गंभीर बीमारी है, जो बच्चों में निमोनिया, दस्त, कुपोषण और यहां तक कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान यदि महिला को रूबेला संक्रमण हो जाए, तो शिशु में जन्मजात विकार—जैसे अंधापन, बहरापन, मानसिक विकास में कमी और जन्मजात हृदय रोग—हो सकते हैं। ऐसे में खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान बच्चों और समाज दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस एमआर टीका कार्यक्रम के दौरान “खसरा–रूबेला को हराएंगे, एमआर का टीका जरूर लगवाएंगे” का संदेश दिया गया। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। इस दौरान संतोष सैनी, कालिंदी सैनी, अध्यापक प्रहलाद प्रसाद, राम प्रेम यादव, अमर साहनी, प्रदीप कुमार मौर्य, प्रिंस कुमार, सौरभ शर्मा, प्रतिज्ञा, नाजिया तथा कमलेश ने आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और विद्यालय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि समाज में टीकाकरण के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एमआर टीका बच्चों को जीवनभर के लिए गंभीर बीमारियों से बचाव प्रदान करता है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का पालन करना प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी विभिन्न विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर खसरा–रूबेला टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि शत-प्रतिशत बच्चों को एमआर टीका से आच्छादित किया जा सके।
इस अभियान की सफलता से यह संदेश गया है कि यदि समाज, विद्यालय और स्वास्थ्य विभाग मिलकर प्रयास करें तो किसी भी जनहितकारी कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है।

Editor CP pandey

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